प्रेग्नेंसी के दौरान भूलकर भी न लगवाएं ये तीन वैक्सीन, हो सकता है खतरा

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट November 10, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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क्या आपको पता है कि प्रेग्नेंसी में भी वैक्सीनेशन की जरूरत पड़ती है? पेट में पल रहे बच्चे को किसी भी प्रकार का खतरा न हो, इसलिए प्रेग्नेंसी में वैक्सिनेशन जरूरी होता है। इस दौरान ध्यान रखने वाली बात ये भी है कि आपको प्रेग्नेंसी में कुछ वैक्सिन को बिलकुल नहीं लेने चाहिए। गलत वैक्सिनेशन आपके साथ ही बच्चे को भी खतरे में डाल सकता है। इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए कि प्रेग्नेंसी के दौरान कौन से वैक्सीन लेनी चाहिए और किस वैक्सिनेशन को इग्नोर करना चाहिए।

प्रेग्नेंसी में वैक्सिनेशन क्यों है जरूरी?

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में विभिन्न कई तरह के बदलाव आते हैं। जिसकी वजह से गर्भवती महिला का शरीर संक्रामक रोगों के प्रति अति संवेदनशील हो जाता है। ऐसे में प्रेग्नेंसी के समय मां और गर्भ में पल रहे शिशु की सुरक्षा के लिए सिर्फ पौष्टिक आहार और एक्सरसाइज ही काफी नहीं है। कुछ और चीजों पर भी गौर करने की आवश्यकता होती है और प्रेग्नेंसी में वैक्सिनेशन उन्हीं में से एक है। जो कि जच्चा और बच्चा दोनों के लिए ही गजरूरी हैं। ये टीके प्रेग्नेंट महिला के शरीर में एंटीबॉडी की तरह काम करते हैं जो नवजात शिशु को इन्फेक्शन से बचाने में मदद करते हैं। ये टीके शिशु की गर्भ में और जन्म लेने के बाद कुछ बीमरियों से लड़ने में मदद करते हैं।

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क्या होता है वैक्सिनेशन के दौरान?

वैक्सिनेशन के दौरान इनएक्टिव वायरस को शरीर में इंजेक्ट कराया जाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को लाइव यानी जिंदा वायरस नहीं दिए जाते हैं। लाइव वायरस वैक्सिनेशन में देने से प्रेग्नेंसी के दौरान बच्चे को खतरा हो सकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान डॉक्टर्स महिलाओं को दो वैक्सीन लगाते हैं। वे निम्नलिखित हैं।

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फ्लू इंफ्लूएंजा शॉट (Flu influenza shot)

फ्लू इंफ्लूएंजा शॉट प्रेग्नेंट लेडी को फ्लू के सीजन में लगाया जाता है। नवंबर से लेकर मार्च तक के महीने में फ्लू होने का खतरा अधिक रहता है। फ्लू से होने वाले बच्चे को बचाने के लिए प्रेग्नेंसी में वैक्सिनेशन किया जाता है। इस दौरान इंफ्लूएंजा नेजल स्प्रे वैक्सीन का यूज न करें। इंफ्लूएंजा नेजल स्प्रे वैक्सीन लाइव वायरस से बनी होती है। ये बच्चे के लिए घातक हो सकती है।

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टिटनेस टॉक्सॉइड (Tetanus toxoid)

एक डोज Tdap वैक्सीन की प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले बच्चे को काली खांसी से बचाने के लिए दी जाती है। ये वैक्सीन प्रेग्नेंसी के 27वें से 36वें सप्ताह के दौरान दी जा सकती है। प्रेग्नेंसी के दौरान फ्लू शॉट और Tdap वैक्सीन बच्चे को इंफेक्शन से बचाने का काम करते हैं। साथ ही बच्चे के पैदा होने के बाद भी ये वैक्सीन बचाव का काम करती हैं। बच्चों के लिए काली खांसी खतरनाक होती है।

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हेपेटायटिस ए और बी

अगर आप प्रेग्नेंसी के दौरान देश के बाहर जाने का प्लान कर रही हैं तो हो सकता है कि आपका डॉक्टर हेपेटायटिस ए और बी के वैक्सिनेशन के लिए कहे।

इन वैक्सीन से करें बचाव

प्रेग्नेंसी में वैक्सिनेशन के दौरान ध्यान रखें कि कुछ वैक्सीन आपके और बच्चे के लिए खतरनाक हो सकते हैं।

  • चिकनपॉक्स (Chickenpox)
  • मीसल्स-मम्प्स-रूबेला (एमएमआर) टीकाकरण (Measles-mumps-rubella (MMR) vaccine)
  • दाद के लिए वैक्सीन वैरिसेला-जोस्टर (varicella-zoster)

प्रेग्नेंसी के दौरान टीकाकरण करवाने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क करें। गर्भाधान से करीब एक महीने पहले भी लाइव टीके दिए जाते हैं। गर्भावस्था के दौरान आपके आसपास रहने वाले लोगों को भी फ्लू का जोखिम हो जाता है, ऐसे में उन्हें भी वैक्सीनेशन की जरूरत हो सकती है।

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गर्भावस्था के पहले, दौरान और बाद में वैक्सिनेशन सुरक्षा

गर्भावस्था के पहले, दौरान और बाद में कौन से वैक्सीन लेने चाहिए, इसके लिए सीडीसी ने गाइडलाइन जारी की गई है। कुछ वैक्सिनेशन जैसे खसरा, कण्ठमाला, रूबेला आदि के लिए वैक्सीन प्रेग्नेंसी से एक महीने पहले दे देना चाहिए। वहीं प्रेग्नेंसी के दौरान टीएडीपी वैक्सीन और फ्लू वैक्सीन देना चाहिए। प्रेग्नेंसी के बाद भी आपको वैक्सिनेशन की जरूरत पड़ती है जब आप ब्रेस्टफीडिंग करा रही हो।

गर्भावस्था टीकाकरण के बाद होने वाले साइड इफेक्ट्स

किसी भी दवा की तरह टीके के भी दुष्प्रभाव हो सकते हैं, लेकिन ये आमतौर पर सामान्य लक्षण ही होते हैं और अपने आप चले जाते हैं। टीके के साइड इफेक्ट्स कुछ इस प्रकार से दिख सकते हैं :

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गर्भावस्था में टीकाकरण के दौरान बरतें ये सावधानियां

  • टीकाकरण कराने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।
  • अगर वैक्सीन होने के चार सप्ताह के अंदर आप गर्भधारण कर लेती हैं, तो इस बारे में अपने चिक्तिसक को जरूर बताएं।
  • पहली बार कंसीव करने पर हर महिला को टिटनेस टॉक्साइड के दो टीके जरूर लगवाने चाहिए।

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गर्भावस्था में टीकाकरण से जुड़े पूछे जाने वाले सवाल

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना जरूरी है?

हां, प्रेग्नेंसी के दौरान टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना जरूरी है, क्योंकि यह क्लोस्ट्रीडियम टेटानी नामक बैक्टीरिया के इंफेक्शन से शिशु को सुरक्षा प्रदान करता है।

अगर पिछली गर्भावस्था में Tdap इंजेक्शन लगा था। तो क्या मुझे इस प्रेग्नेंसी के दौरान दोबारा उस टीके की जरूरत है?

प्रेग्नेंसी के दौरान एक Tdap का टीका लेना जरूरी है। अगर अगले तीन वर्ष के अंदर महिला फिर से प्रेग्नेंट होती है, तो इस बार उसे सिर्फ बूस्टर टीटी का टीका ही लगाया जाएगा।

इस लेख के माध्यम से आप जान गए होंगे कि प्रेग्नेंसी में वैक्सिनेशन कितना जरूरी है। अगर गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण नहीं ले पाते हैं, तो शिशु को कई तरह के संक्रमण और बीमारियां होने का खतरा रहता है। अगर आप कंसीव करने के लिए सोच रही हैं तो आपको वैक्सिनेशन के बारे में जानकारी होना जरूरी है। आप इस बारे में अपने डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आपको प्रेग्नेंसी के पहले, दौरान और बाद में दिए जाने वाले वैक्सिनेशन की पूरी जानकारी देगा। अगर आपके मन में अब भी टीकाकरण से जुड़े हुए अन्य सवाल हैं, तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए हमसे पूछ सकते हैं। गर्भावस्था में वैक्सिनेशन का यह आर्टिकल आपको कैसा लगा, हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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