बर्थ डे स्पेशल: सचिन तेंदुलकर की वो चोट जिसने उनके करियर पर लगाया था ब्रेक

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अप्रैल 23, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन ने भी अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखें। क्रिकेट के महान खिलाड़ी को भी फिटनेस के मामले में परेशानियों का सामना करना पड़ा जिससे उनका जीवन प्रभावित रहा। क्रिकेट में अपने आपको बनाए रखने और एक अलग पहचान बनाने में सचिन ने काफी मेहनत की है। हम अक्सर किसी भी बड़ी हस्ती के फेम को देखते हैं, लेकिन उसके पीछे उसके संघर्ष को नहीं देखते। सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट करियर में अनेकों बार उन्हें चोटिल होना पड़ा। लेकिन उनका हौसला नहीं डगमगाया। आज सचिन तेंदुलकर का जन्मदिन है। इस खास मौके पर हम सचिन तेंदुलकर की उस चोट और उससे जुड़े पहलुओं और संघर्ष के बारे में जानते हैं।

सचिन तेंदुलकर की चोट और उनका संघर्ष

साल 2004 में एक ऐसा दौर आया जब सचिन तेंदुलकर कोहनी में अंदरूनी चोट लगी। इस चोट ने सचिन के क्रिकेट करियर में एक ठहराव ला दिया। हालांकि, इससे पहले उन्हें कई बार मामूली चोटें लगी थीं लेकिन यह चोट बेहद ही गंभीर थी। इस चोट का तकनीकी भाषा में टेनिस एल्बो के नाम से जाना जाता है। यह समस्या इतनी गंभीर थी कि वो मैदान में बल्ला तक उठाने लायक नहीं थे।

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सचिन तेंदुलकर की चोट और डिप्रेशन

सचिन तेंदुलकर की चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें महीनों तक क्रिकेट के मैदान से दूरी बनाकर रखनी पड़ी। इसके बाद सचिन तेंदुलकर ने अपनी चोट की सर्जरी कराई। सर्जरी के बाद सचिन तेंदुलकर डिप्रेशन में चले गए। इस दौरान उन्हें ऐसा लगा कि वो जीवन में कभी क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे। हालांकि, उनकी इस परेशानी में परिवार वालों ने उनकी काफी मदद की।

सचिन तेंदुलकर के दोस्त भी चोटिल हुए

एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में सचिन ने कहा, ‘मेरे कई दोस्तों को टेनिस एल्बो की दिक्कत हुई थी। वो मुझे देखकर यह पूछते थे कि इसमें कितना दर्द होता है। मैं उन्हें यही जवाब देता था कि तुम्हें एक बार इसका अनुभव करना चाहिए।’ सचिन ने जवाब देते हुए कहा था, ‘जब आप किसी कमरे में बंद हो जाएंगे और आप दरवाजा नहीं खोल पाते हैं, तब आपको अहसास होता है कि इसमें कितना दर्द होता है।’

आखिर क्या होती है टेनिस एल्बो? जिसने क्रिकेट के महारथी के करियर का रथ भी रोक दिया था। टेनिस एल्बो की विस्तृत जानकारी के बाद ही आप सचिन तेंदुलकर की उस आप बीती को महसूस कर पाएंगे।

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सचिन तेंदुलकर की चोट : क्या होती है टेनिस एल्बो?

  • सचिन तेंदुलकर को जो चोट लगी थी वो टेनिस एल्बो थी। टेनिल एल्बो में सचिन तेंदुलकर की कोहनी में सूजन आ गई थी। इससे कोहनी में दर्द होता है। सचिन तेंदुलकर को टेनिस एल्बो होने के कारण उनकी बांह और कोहनी में सूजन की समस्या हुई थी।
  • इस चोट में टेंडन में सूजन आ जाती है। टेंडन मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ते हैं। इनमें स्वैलिंग होने पर दर्द होता है। यह जरूरी नहीं है कि टेनिस एल्बो सिर्फ खिलाड़ियों को ही हो। यह समस्या किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को हो सकती है।
  • आमतौर पर अंगूठे या दो उंगलियों का इस्तेमाल करने वाले लोगों में टेनिस एल्बो का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। सचिन तेंदुलकर की चोट एक ऐसी समस्या है, जो कोई आयु वर्ग देखकर नहीं होती है। हालांकि 40 साल से अधिक उम्र के लोगों में इसका खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

टेनिस एल्बो की समस्या का कारण

बार-बार किसी भी प्रकार के मोशन को दोहराने से टेनिस एल्बो की समस्या होती है। जैसा कि क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को मैदान में बार-बार अपना बल्ला घुमाना पड़ता था। साथ ही एक ही दिशा में हाथ का मूवमेंट भी वो करते थे। इसकी वजह से उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था। इससे टेनिस एल्बो की समस्या या चोट पैदा हुई। हालांकि, स्पोर्ट्स में कई प्रकार के मूवमेंट या नौकरी पेशा लोगों में यह समस्या ज्यादा होती है।

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टेनिस एल्बों के निम्नलिखित कारक हो सकते हैं:

  • वेट लिफ्टिंग
  • फैसिंग
  • कारपेंटिंग
  • टाइपिंग
  • पेन्टिंग
  • बुनाई
  • रैकेट बॉल
  • ग्रिपिंग के कारण
  • हाथ से रिपिटेटिव मूवमेंट करना

टेनिस एल्बो के क्या लक्षण हो सकते हैं?

टेनिस एल्बो की परेशानी में कोहनी के बाहर की तरफ की हड्डी में दर्द होता है। नॉब की जगह में क्षतिग्रस्त टेंडन हड्डियों से जुड़े होते हैं। दर्द की समस्या ऊपरी और निचले हाथ में फैलने का खतरा रहता है। एल्बो में समस्या होने के कारण हाथ का मूवमेंट करने पर अधिक दर्द महसूस होता है।

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निम्नलिखित परिस्थितियों में समस्या बढ़ जाती है:

  • हाथ को ऊपर की तरफ लिफ्ट करने पर
  • अचानक हैवी वेट उठाने से
  • दरवाजा खोलने में दर्द महसूस होना
  • टैनिस रैकेट पकड़ने में परेशानी
  • टेनिस एल्बो, अन्य कंडीशन जैसे कि गोल्फर एल्बो की कंडीशन जैसी ही होती है।

टेनिस एल्बो होने पर क्या करें?

यदि आपको इसके लक्षणों का अहसास होता है तो तत्काल अपने डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर शारीरिक जांच के लिए बांह, कलाई और कोहनी का परीक्षण करेगा। डॉक्टर समस्या का पता लगाने के लिए कोहनी, फिंगर और बांह में मूवमेंट करने के लिए कह सकता है। मेडिकल हिस्ट्री और फिजिकल जांच से कई चीजों की जानकारी मिलती है। हालांकि, डॉक्टर अंदरूनी चोट का पता लगाने के लिए इमेजिंग जैसे एक्स-रे या फिर एमआरआई कर सकता है। जरूरत के हिसाब से डॉक्टर अन्य चेकअप की सलाह भी दे सकता है।

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सचिन तेंदुलकर की चोट टेनिस एल्बो का इलाज कैसे होता है?

शुरुआती चरण में डॉक्टर दर्द के कारण की पहचान करते हैं। इसमें वो यह देखते हैं कि पीढ़ित को किस एक्टिविटी से दर्द हो रहा है। इसका पता लगाने के लिए डॉक्टर आपकी कोहनी, उंगली और हाथों के मूवमेंट में कुछ बदलाव की सलाह दे सकता है। जैसे कि अगर किसी व्यक्ति को टेनिस खेलने के कारण कोहनी में दर्द की समस्या है तो डॉक्टर कुछ विशेष मूवमेंट की सलाह दे सकता है।

यदि किसी व्यक्ति को कंप्यूटर पर टाइपिंग करने से कोहनी में सूजन आ रही है तो उसके लिए अलग थेरेपी की सलाह दी जा सकती है। मसल्स को धीरे-धीरे फैलाने और फिर उन्हें मजबूत बनाने के लिए शारीरिक एक्सरसाइज की सलाह दी जा सकती है। मुख्य रूप से बाजुओं की मांसपेशियों की एक्सरसाइज के लिए डॉक्टर कह सकता है। डॉक्टर आपको बाजुओं के स्ट्रेप लेने के लिए कह सकता है। यह स्ट्रेप चोटिल ऊत्तकों पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है।

टेनिस एल्बो की सर्जरी

12 महीनों की अवधि के बाद भी यदि कोहनी के दर्द में राहत नहीं मिलती है तो चिकित्सा सहायता लेना आवश्यक है। इस स्थिति में आपकी कोहनी की सर्जरी की जाती है। इस सर्जरी में क्षतिग्रस्त हुए ऊत्तकों को उस स्थान से हटा दिया जाता है। हालांकि, इस प्रक्रिया में बड़ा या छोटा चीरा दोनों लगाए जा सकते हैं।

हेलो हैल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या सहायता उपलब्ध नहीं कराता। यदि आपको इस समस्या के लक्षणों का अहसास होता है तो अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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