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लंबी यात्रा में डायट कैसी होनी चाहिए?

लंबी यात्रा में डायट कैसी होनी चाहिए?

लंबी यात्रा में डायट खानपान का असर आपकी सेहत पर सबसे ज्यादा पड़ता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यदि आप ट्रेन, बस या प्लेन से ही क्यों ना सफर कर रहे हो, एक सीमित जगह पर ही आपको घंटों बैठना पड़ता है। इन परिस्थितियों में जरूरी है कि आपका खानपान ऐसा हो कि आपको किसी भी परेशानी का सामना ना करना पड़ें।

लंबी यात्रा में डायट के लिए आप पहले ही प्लान कर लें और घर से ही रेसिपी तैयार कर ले जाए तो यह काफी फायदेमंद साबित होगा। बच्चों से लेकर बड़ों और बुजुर्गों को खास तौर पर खानपान को लेकर एहतियात बरतना चाहिए, ताकि उनके स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का असर ना पड़ें। सफर के दौरान कुछ भी बासा या अनहाइजिनिक खा लेने से अपच, गैस के साथ ही फूड पॉजइनिंग जैसी समस्या भी हो सकती है। एक्सपर्ट के हवाले से आइए जानते हैं कि लंबी यात्रा के दौरान डायट और रेसिपी कैसी होनी चाहिए ताकि हम हेल्दी रहने के साथ बीमारियों से बच सकें।

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डायटिशियन संचिता गुहा बताती हैं कि, ”आज के समय में बाहर भोजन करना शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकता है। वहीं सफर के समय तो हमें और भी ज्यादा सचेत हो जाना चाहिए। अमूमन सफर के दौरान जो बाहर से खरीदकर ज्यादा खाते हैं उनके बीमार होने की संभावनाएं भी काफी ज्यादा रहती है। ऐसे में जरूरी है यदि आप अपनी फैमिली के साथ सफर कर रहे हों और लंबे सफर की प्लानिंग कर रहे हैं तो आप पहले से ही डायट प्लान करें और घर से ही रेसिपी तैयार कर ले जाए।”

बच्चों और मीडिल एज के लिए बेस्ट है घर का केक और चिप्स

यदि आप कहीं दो से तीन दिनों के सफर पर निकल रहे हैं और आपके साथ बच्चे भी सफर कर रहे हैं तो उस स्थिति में जरूरी है कि डायट और रेसिपी प्लान कर लें। आप घर से ही केक, केले के चिप्स, आलू के चिप्स, कच्चू के चिप्स, मठरी और निमकी तैयार करके ले जाएं। वहीं मठरी और निमकी तैयार करते वक्त उसमें अजवाइन और मंगरैल जरूर डालें, ऐसा इसलिए क्योंकि ये हमारे खाने को पचाने में मददगार साबित होता है। छोटे बच्चे तो खाने को आसानी से पचा लेते हैं, लेकिन बड़ों के लिए अजवाइन व मंगरैल खाने को पचाने में मदद करेगा। उन्हें अपच, एसिडिटी, गैस सहित अन्य प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इन खाद्य पदार्थ को बनाने में आटा का इस्तेमाल करते हैं, वहीं आटा में कैलोरी भरपूर मात्रा में होती है, जो शरीर को पोषक तत्व प्रदान करते हैं। वहीं मीडिल एज व बच्चे चटपटा खाना पसंद करते हैं। ऐसे में रास्ते के लिए उनके लिए यह तैयार कर ले जाना बेस्ट है।

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बाहर की चीजें खरीदने से बेहतर घर से ले जाए लड्‌डू

बाहर से खाद्य सामग्री खरीदने से बेहतर है कि हम घर पर ही लड्‌डू तैयार करके ले जाए। लंबी यात्रा के लिए डायट का ख्याल रखते हुए यदि हम रेसिपी पहले से प्लान नहीं करते तो इसके कई दुष्परिणाम से भुगतना पड़ सकता है। हेल्दी रेसिपी के लिए हम चाहें तो आटा, बेसन, मूंग आदि के लड्‌डू को तैयार कर सकते हैं। उसमें घी के साथ ड्राय फ्रूट्स को डाले तो यह और भी ज्यादा सेहतमंद होगा। हमारे शरीर में न्यूट्रिशन की मात्रा को पूरा करेगा।

ऐसे लोगों को ये लड्डू न दें जो शुगर या फिर डायबिटीज की बीमारी से पीड़ित हों। बुजुर्गों को भी लड्‌डू देने से बचना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि यदि हम कोई मीठा खाद्य पदार्थ तैयार कर रहे हैं तो हम शुगर के मरीजों को उसे सर्व नहीं कर सकते, लेकिन ये लोग गुड (jaggery) या नैचुरल शुगर का सेवन कर सकते हैं। वहीं खाना ज्यादा ऑयली है तब भी हम उसे बुजुर्गों को नहीं दे सकते।

लंबी यात्रा में डायट बच्चों के लिए कैसी होनी चाहिए?

सफर के दौरान पांच साल तक के बच्चों का खास ख्याल रखना होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी इम्युनिटी व्यस्कों की तुलना में काफी कम होती है। ऐसे में खानपान पर ध्यान न दिया जाए तो ये काफी जल्दी बीमारी पड़ सकते हैं। डायटीशियन संचिता बतातीं हैं कि, ‘इस उम्र के बच्चों के लिए पेरेंटेस को डायट प्लान कर लेना चाहिए। उनके लिए ड्राय फ्रूट्स को मिक्सचर कर पाउडर बना लें और यात्रा पर निकलने के पूर्व दूध पाउडर का पैकेट भी साथ में रख लें। रास्ते में ड्राय फ्रूट्स व मिल्क पाउडर का घोल बनाकर यानि उसे पानी में मिलाकर समय-समय पर बच्चे को देने से उसे पौष्टिक आहार मिलता रहेगा। ड्राय फ्रूट्स में सभी प्रकार के न्यूट्रिशन के साथ प्रोटीन और कैलोरी की मात्रा होती है, जिसका सेवन करने से बच्चा हेल्दी रहेगा।

लंबी यात्रा के लिए डायट में ड्राय फ्रूट्स शामिल करना है फायदेमंद

बता दें कि यात्रा के दौरान ड्राय फ्रूट्स को कैरी करना भी फायदेमंद साबित हो सकता है। लंबी यात्रा के समय यह हमारे डायट का अहम हिस्सा हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ड्रायफ्रूट्स लंबे समय पर खाने लायक बने रहते हैं। वहीं उसमें कैलोरी के साथ प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है। एक्सपर्ट बताते हैं कि बच्चों को ड्राय फ्रूट्स खिलाने के लिए यदि हम उसे घी में हल्का भूंज कर ले जाए तो बच्चों के साथ बड़े इसे चाव से खाना पसंद करते हैं। बच्चों की पाचन शक्ति बड़ों व बुजुर्गों की तुलना में अच्छी होती है। ऐसे में वे इसे आसानी से पचा लेंगे। वहीं बुजुर्ग भी ड्राय फ्रूट्स का सेवन कर सकते हैं, लेकिन उनके लिए इसे घी में तलने की बजाय सिर्फ भूंजकर ही ले जाए तो उनकी सेहत के लिए यह काफी फायदेमंद साबित होगा।

लंबी यात्रा में हेल्दी डायट के लिए फायदेमंद है फ्रूट्स

लंबी यात्रा के लिए डायट और रेसिपी प्लान करने के लिए सलाद और फ्रूट्स और फ्रूट्स सलाद बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। एक्सपर्ट बताती हैं कि सेब, अनार, ऑरेंज यात्रा में जाने के साथ ले जा सकते हैं। क्योंकि इन फ्रूट्स में विटामिन, मिनरल, फाइबर के साथ पानी की भरपूर मात्रा होती है। लंबी यात्रा में यदि इसे हम अपने डायट में शामिल करेंगे तो हम काफी स्वस्थ रह सकेंगे। वहीं फ्रूट्स सलाद में पाचन शक्ति होती है, इसमें फाइबर होने के कारण यह आसानी से पच जाते हैं।

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हेल्दी चना मसाला रेसिपी

इस रेसिपी को तैयार करना बेहद आसान है। एक्सपर्ट के अनुसार यदि हम ट्रेन में अपने साथ चाकू लेकर जा रहे हैं तो उस स्थिति में खीरा, प्याज, मिर्च, नमक, नींबू आदि लेकर जाएं। वहीं पहले से ही चना-मूंगफली भिगोकर उसे सूती के कपड़े में लपेटकर ले जाए। ऐसे में चना व मूंगफली में प्याज, नींबू, नमक स्वादानुसार और मिर्च व खीरा को आपस में मिलकर खाएं तो यह हमें तरोताजा महसूस कराने के साथ हमें पोषक तत्व भी प्रदान करता है।

मसाला मुरमुरा

इसे तैयार करने के लिए जरूरी है कि हम अपने साथ प्याज, मिर्च, रोस्टेड चना, निमकी, चिप्स, नमक और मूड़ी लेते जाएं। इन तमाम चीजों को मिलाकर स्वादानुसार नमक डालें व मिल-बांटकर इसका लुत्फ उठाएं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि सफर के दौरान समय भी कट जाता है और हम पौष्टिक भोजन का भी लुत्फ उठा लेते हैं। वहीं यह लाइट डाइट है, ऐसे में इसका सेवन करने से हमें एसिडिटी और गैस संबंधी परेशानी नहीं होती। लंबी यात्रा के दौरान हमारी डायट ऐसी होनी चाहिए कि हमें बार बार टायलेट न जाना पड़े।

खाने में लेमन राइस और इमली चावल खाना है सेहतमंद

लंबी यात्रा पर निकलने के पूर्व रेसिपी में शामिल कर सकते हैं लेमन राइस व इमली का चावल। डायटीशियन के अनुसार दक्षिण भारतीय लोग इस खाने का सबसे अधिक सेवन करते हैं। वहीं इस खाने की खासियत यह है कि यह लंबे समय तक खराब नहीं होता है। वहीं इसका स्वाद भी अच्छा होता है। इसमें ज्यादा तेल नहीं होता ऐसे में इससे सेहत को भी नुकसान नहीं है। यदि इसे हम दही के साथ सेवन करें तो हमें कार्बोहाइड्रे़ड के साथ कैलोरी और प्रोटीन भी मिलता है। वहीं उत्तर भारतीय लोगों की पारंपरिक डिश की बात करें तो हम ठेपला व मेथी पराठा आदि भी साथ ले जा सकते हैं। क्योंकि इन खाद्य पदार्थ में अजवाइन व मंगरैल होता है, जो हमारे सेहत के लिए काफी फादयेमंद साबित हो सकता है। वहीं यह भोजन काफी आसानी से पच जाता है।

अपनी डायट में शामिल कर सकते हैं ब्रेड और पीनट बटर

लंबी यात्रा में जाने की सोच रहे हैं तो ब्रेड और पीनट बटर को शामिल कर सकते हैं। सामान्य बटर की तुलना में पीनट बटर लंबे समय तक नहीं पिघलता है। डायटीशियन के अनुसार इसका सेवन करने से हम हेवी डायट से बच सकेंगे क्योंकि यह काफी लाइट डाइट होती है। इसके अलावा हम यदि आटे का कोई सामान ले जा रहे हैं तो उसे दूध या दही में गूंथना काफी फायदेमंद होता है। ऐसा करने से वो लंबे समय तक बचा रह सकता है। हम चाहें तो मखाना रोस्ट करके भी ले जा सकते हैं। बच्चों व व्यस्कों के लिए मखाना को घी में और बुजुर्गों को मखाना को सिर्फ ऐसे ही रोस्ट कर ले जा सकते हैं।

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लंबी यात्रा में डायट का रखें ख्याल, डायट में मसालेदार खाने को न करें शामिल

  • डायजेशन में समस्या
  • बार-बार टाॅयलेट जाना, डिहाइड्रेशन की दिक्कत
  • असहज महसूस करना और अपच की परेशानी
  • गैस और एसिडिटी की परेशानी

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ट्रेन में इन चीजों का न करें सेवन

हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हम फ्रोजन फूड न ले जाएं, क्योंकि फ्रोजन फूड को खाने लायक बनाने के लिए उसे डीप फ्राइ की आवश्यकता पड़ती है या तो माइक्रोवेव में अच्छे से पकाने की जरूरत पड़ती है, जो ट्रेन में पॉसिबल ही नहीं है। वहीं आप फ्रोजन फूड या प्रोसेस्ड फूड ले जाने की सोच रहें हैं तो वो भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि इस प्रकार के खाद्य पदार्थ को फ्रिज से निकालने के बाद तुरंत पकाना होता है। यदि हम ऐसा न करें तो इसके खराब होने की संभावना ज्यादा रहती है।

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आलू, पूरी सहित वैसा खाना जो ना हो खराब

हल्का मसाला डालकर सूखी आलू की सब्जी ट्रेन में ले जाने के लिए बेस्ट है। वहीं इस डिश को गर्मागर्म पैक करने की बजाय हल्का ठंडा होने के बाद पैक करना चाहिए। यदि ऐसा करेंगे तो यह एक से डेढ़ दिन तक खराब नहीं होती है। वहीं यदि निकाले भी तो हाथों का इस्तेमाल न कर चम्मच से निकालें तो यह दो दिनों तक टिक सकता है। वहीं पूरी और आम का आचार भी ट्रेन यात्रा पर ले जा सकते हैं। पुलाव के साथ उबले अंडों को भी अपने साथ ले जा सकते हैं।

इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए डाक्टरी सलाह लें। ।

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सूत्र

Avoid these foods while on a train journey/https://timesofindia.indiatimes.com/life-style/food-news/avoid-these-foods-while-on-a-train-journey/photostory/68562591.cms/ Accessed 1st April 2020

10 nostalgic foods that remind us of those happy train journeys/https://recipes.timesofindia.com/articles/features/10-nostalgic-foods-that-remind-us-of-those-happy-train-journeys/photostory/65473891.cms/accessed 1st April 2020

How To Start The Journey Of Lifelong Healthy Eating/https://orthology.com/start-journey-lifelong-healthy-eating/Accessed 1st April 2020

Eat Healthy, Live Healthy — My Healthy Journey/https://medium.com/@WeetabixEA/eat-healthy-live-healthy-my-healthy-journey-8bac532bf8da/Accessed on 1st April 2020

Dietitian Sanchita Guha, currently working in tinplate hospital, ex Dietitian in tata moters hospital and ex Dietitian in CMRI (Calcutta medical research institute)

 

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Satish singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 07/05/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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