स्वस्थ बच्चे के लिए हेल्दी फैटी फूड्स

By

फैट आजकल एक भूत जैसा है। जिसका नाम सुनकर लोग अक्सर डर जाते हैं। हो भी क्यों न, गुड फैट और बैड फैट का असर सेहत पर भी गुड और बैड ही पड़ता है। वहीं, बच्चों के मामले में पैरेंट्स तो और भी ज्यादा सजग हो जाते हैं। वहीं, जिन बच्चों का वजन नहीं बढ़ रहा है उन्हें पैरेंट्स फैटी फूड्स (Fatty Foods) खिलाने के लिए सोचते हैं। आइए हैलो स्वास्थ्य आपको बताएगा कि किस तरह के फैटी फूड्स आप बच्चे को दे सकती है। जो उसके हेल्थ के हिसाब से ठीक रहे।

यह भी पढ़ें : अब फैट को कहें ‘बाय’और फिटनेस को कहें ‘हाय’

जानें बच्चों के लिए फैटी फूड्स पर एक्सपर्ट की राय

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक भारद्वाज के मुताबिक “बच्चों के लिए फैट ज्यादा जरूरी है। फैट ही उसके शारीरिक और मानसिक विकास को प्रेरित करता है। वहीं, जिन बच्चों का वजन कम है उन्हें फैट देना बहुत जरूरी है। क्योंकि फैट वजन बढ़ाने में मददगार साबित होता है। अमूमन फैट दो तरह के होते हैं, सैचुरेटेड फैट और अनसैचुरेटेड फैट। सैचुरेटेड फैट बच्चे के लिए सही होता है। जिसे आप बच्चे की जरूरत के हिसाब से दे सकती हैं।”

सैचुरेटेड फैट : ये स्थाई फैट है, जो पकाने के लिए सही होता है। जैसे- नारियल का तेल, मक्खन, सरसों का तेल, घी जैसे फैट को हम पका के बच्चे के खाने के रूप में दे सकते हैं। 

अनसैचुरेटेड फैट : ये फैट नहीं पकाया जाता है। जैसे- ऑलिव ऑयल, सीसम ऑयल, एवोकाडो ऑयल और कॉड लिवर ऑयल सलाद के साथ या कच्चा ही बच्चे को दें। ये हेलदी फैट्स बच्चे की सेहत के लिए सही हैं।

किस तरह के फैट का कब करें इस्तेमाल

फैट यानी की तेल, घी या मक्खन। इन्हें हेल्दी तरीके से खाने के लिए पता होना चाहिए कि कौन सा फैट पकाने के लिए सही है और कौन सा नहीं। सैचुरेटेड फैट स्थायी फैट है जो पकाने के लिए सही होता है। लेकिन, अनसैचुरेटेड फैट नहीं पकाया जाता है। जैसे- नारियल का तेल, मक्खन, सरसों का तेल, घी जैसे फैट को हम पका के बच्चे के खाने में मिला के दे सकते हैं। वहीं, ऑलिव ऑयल, सीसम ऑयल, एवोकाडो और कॉड लिवर ऑयल सलाद के साथ या कच्चा ही बच्चे को दें। ये हेलदी फैट्स बच्चे के हेल्थ के लिए सही हैं।

यह भी पढ़ें : फैट बर्न डाइट प्लान में शामिल करें ये 4 फूड्स

बच्चे को दें ये हेल्दी फैटी फूड्स

इन फैट्स के अलावा आप बच्चे का अगर वजन बढ़ाना चाहती हैं तो इन फैटी फूड्स को बच्चे को दे सकती हैं।

हेल्दी फैटी फूड्स केला

केला बच्चों का पसंदीदा फल है। केला खाने से बच्चे को तुरंत ऊर्जा मिलती है। इसके अलावा केले में कार्बोहाइड्रेट, पोटेशियम, विटामिन-सी, फाइबर, और विटामिन-बी 6 पाया जाता है। इस तरह से ये फैटी फूड्स हुआ।

हेल्दी फैटी फूड्स देसी घी

खाने के ऊपर बच्चों को घी मिल जाए तो फिर क्या कहना। हाई-न्यूट्रिशनल वेल्यू से भरपूर देसी घी को खाने से बच्चे का वजन बढ़ता है। ये सैचुरेटेड फैट है, जिससे बच्चे को ताकत मिलती है। आप बच्चे की खिचड़ी, चावल, दलिया आदि में देसी घी मिलाकर दे सकते हैं।

हेल्दी फैटी फूड्स क्रीमी दही

क्रीम से भरपूर दही भी बच्चे के लिए हेल्दी फैट है। कैल्शियम, विटामिन्स और मिनरल से भरपूर फुल क्रीम दही बच्चे के लिए एक हेल्दी विकल्प है। दही खाने से बच्चे का पाचन तंत्र भी दुरुस्त रहता है। दही खाने से बच्चे में इम्यून सिस्टम भी बेहतर होता है।

यह भी पढ़ें : जानिए बच्चे के लिए क्यों जरूरी है सही पोषण?

हेल्दी फैटी फूड्स अंडा

अंडे के पीले हिस्से में भी हेल्दी फैट्स मौजूद होते हैं। इसलिए बच्चे को अंडा देना उसके स्वास्थ्य के प्रति आपकी सजगता को दिखाएगा। अंडे में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फैट्स, मिनरल, विटामिन ए और विटामिन बी12 पाया जाता है। इसके अलावा अंडा खाने से बच्चे के शरीर और इम्यून सिस्टम का विकास भी तेजी से होगा।

हेल्दी फैटी फूड्स मक्खन

मक्खन फैट से भरपूर होता है। इसलिए इसका नाम अच्छे फैटी फूड्स में शुमार है। बच्चों को मक्खन हर चीज के साथ पसंद आता है। मक्खन खाने से बच्चे का वजन भी जल्दी बढ़ सकता है।

हेल्दी फैटी फूड्स तैलीय मछलियां

सैलमन, टूना जैसी मछलियां तैलीय मछलियां होती हैं। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। ये फैटी एसिड बच्चे के इम्यून सिस्टम के लिए काफी अच्छे होते हैं। इसके अलावा इसमें प्रोटीन, विटामिन डी भी भरपूर मात्रा में होते हैं।

हेल्दी फैटी फूड्स चीज़

चीज़ के टुकड़े देखते ही बच्चों के मुंह में पानी आ जाता है। चीज़ में कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन-ए, विटामिन-डी,  विटामिन-बी12 ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं। यह एक हाई-कैलोरी फैटी फूड भी है।

हेल्दी फैटी फूड्स ड्राई फ्रूट्स

बच्चे को ड्राई फ्रूट्स हेल्दी फैट्स के रूप में दे सकते हैं। जिससे बच्चे का स्वास्थ्य भी ठीक होगा और शरीर को नेचुरल फैट्स भी मिलेंगे।

इन फैटी फूड्स के अलावा अगर आप बच्चे को फैट्स देने में हिचकिचा रही हैं तो एक बार बच्चे के डॉक्टर से जरूर मिल लें। इसके अलावा आप किसी भी डायटिशियन की मदद भी ले सकती हैं।

यह भी पढ़ें : स्तनपान करवाते समय न करें यह गलतियां

फैटी फूड्स से बनी रेसिपी बच्चे को खिलाएं

ड्राई फ्रूट के हलवे से भी मिलेगा बच्चों के लिए गुड फैट 

बच्चों को हलवा वैसे भी बहुत पसंद होता है। इसके अलावा अगर आप बच्चे को ड्राई फ्रूट का हलवा दे रही हैं तो आप उसे कई चीजों से मिलने वाला गुड फैट दे रही हैं।

ड्राई फ्रूट हलवा

सामग्री :

  • पिस्ता (बारीक कटे) – आधा कप
  • अखरोट (बारीक कटे) – आधा कप
  • बादाम (बारीक कटे) – एक कप
  • इलायची पाउडर – 1/4 टीस्पून
  • खजूर कटे हुए – आधा कप
  • चीनी – डेढ़ कप
  • पानी – एक कप
  • दूध – आधा कप
  • घी – तीन टेबलस्पून

बनाने की विधि :

सबसे पहले एक कड़ाही में घी डालें। इसे गरम होने दें, फिर इसमें पिस्ता, बादामअखरोट को हल्का सा भून लें। फिर इसमें खजूर और चीनी को पीस लें। अब इस पेस्ट को हलवे में मिलाएं। इसके बाद दूध और पानी मिलाएं। इसे लगातार चलाते रहें। लगभग पांच से सात मिनट तक इसे पकाएं। फिर इसमें इलायची पाउडर डालें। ड्राई फ्रूट्स का हलवा तैयार है। आप इसे हल्का ठंडा कर बच्चे को परोसें।

ये कुछ फूड और रेसिपीज हैं, जिन्हें आप अपने बच्चे को खाने के लिए दे सकते हैं। इसके अलावा अंडे से भी बच्चे को कई सारी रेसिपीज बना कर खिला सकती हैं। ये सभी गुड फैट्स बच्चे के लिए जरूरी होने के साथ ही टेस्टी भी होगा।

ऐवोकाडो सैंडविच बनाकर बच्चों के लिए फैटी फूड्स का करें इंतजाम

बच्चों को सैंडविच बहुत पसंद होती है। इसलिए आप अपने बच्चे को फैटी फूड्स के रूप में ये ऐवोकाडो से बनी सैंडविच दे सकते हैं।

ऐवोकाडो सैंडविच

सामग्री :

बनाने की विधि :

एक कटोरे में मायोनीज डाल लें। इसमें शहद, नमक और काली मिर्च मिलाएं। एक ब्रेड लें और टमाटर, खीरा, प्याज और ऐवेकाडो को ब्रेड पर रखें। इसके ऊपर से मायोनीज का बना हुआ पेस्ट डालें। पूरे ब्रेड पर उसे अच्छे से फैलाएं। अब ऊपर से दूसरा ब्रेड रख दें। बच्चे को इसे टोमैटो सॉस के साथ सर्व करें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

और पढ़ें:

पिता के लिए ब्रेस्टफीडिंग की जानकारी है जरूरी, पेरेंटिंग में मां को मिलेगी राहत

वजायनल सीडिंग (Vaginal Seeding) क्या सुरक्षित है शिशु के लिए?

ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम कम करता है स्तनपान, जानें कैसे

प्रेग्नेंसी के दौरान होता है टेलबोन पेन, जानिए इसके कारण और लक्षण

Share now :

रिव्यू की तारीख अक्टूबर 6, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया जनवरी 28, 2020

सूत्र
शायद आपको यह भी अच्छा लगे