इंसोम्निया (Insomnia) क्या है और यह क्यों होता है?

द्वारा

अपडेट डेट जनवरी 27, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

इंसोम्निया (Insomnia) और कम नींद सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है। एक अनुमान के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अनिद्रा और नींद से जुड़ी समस्याएं ज्यादा होती हैं और इन समस्याओं के कारण मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। यह समस्या किसी भी उम्र के लोगों के साथ हो सकती है। नींद न आने के पीछे कई कारण भी हो सकते हैं। इस आर्टिकल में हम इसी बारे में बात करेंगे। पहले जानते हैं इंसोम्निया के प्रकार।

इंसोम्निया (Insomnia) के प्रकार

  1. शॉर्ट टर्म एक्यूट इंसोम्निया (Short Term acute insomnia) : यह कुछ दिनों से कुछ सप्ताह तक रहता है और तकरीबन तीन सप्ताह तक चलता है। ऐसा आमतौर पर एक दर्दनाक घटना के प्रभाव या तनाव के कारण हो सकता है। इसके अलावा, तनाव या जीवन में किसी प्रकार का फेरबदल होना। यह टेंपरेरी इंसोम्निया हो सकता है। इसके अलावा, और भी कई दूसरे कारणों से भी नींद नहीं आती है, जैसे बहुत काम करना, बहुत घूमना, वातावरण में बदलाव। शॉर्ट टर्म एक्यूट इंसोम्निया खुद ठीक भी हो जाता है।
  2. क्रोनिक लॉन्ग टर्म इंसोम्निया (chronic long term insomnia) : यह एक महीने से ज्यादा भी हो सकता है। कई रातों तक जागने के बाद सोने के बाद ऐसा हो सकता है। ऐसे में आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

ये भी पढ़ें: मॉर्निंग वॉक के बाद क्या खाएं? जानिए यहां

किन कारणों से नहीं आती है नींद? 

नींद न आने के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं। जैसे-

  • रेस्टलेस लेग सिन्ड्रॉम : इस दौरान, लोगों के पैरों में पैरों में सेंसेशन होती है, जिससे वो असहज महसूस करते हैं। इस वजह से उनकी नींद बार-बार टूटती रहती है। ज्‍यादा समय तक इस बीमारी से ग्रस्त रहने पर डिप्रेशन की परेशानी भी हो सकती है, क्योंकि इंसोम्निया के लक्षण मानसिक तौर पर बीमार कर सकते हैं। 
  • तनाव : तनाव की स्थिति किसी भी वजह से हो सकती है। परिवार की फायनेंशियल कंडिशन, स्वास्थ्य, काम के बारे में चिंता करना या फिर जरूरत से ज्यादा वर्क लोड इस समस्या का कारण हो सकता है। इन सभी का सीधा असर दिमाग पर पड़ता है और तनाव की स्थिति शुरू हो जाती है, जिससे नींद आने में कठिनाई होती है।   
  • अन्य कारण : सोने से पहले बहुत ज्यादा खाना, ज्यादा टेलीविजन देखना, काम के दौरान अपने बिस्तर का उपयोग करना, सोने की जगह ठीक न होना या अनियमित सोने का समय अनिद्रा पैदा कर सकता है।

ये भी पढ़ें: नींद की गोलियां (Sleeping Pills): किस हद तक सही और कब खतरनाक?

इंसोम्निया (Insomnia) के लक्षण क्या हैं?

इसके लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं। जैसे-

  1. रात में ठीक से तरह से नींद नहीं आना
  2. रात में सोना कम और ज्यादा जागना या बार-बार नींद खुलना 
  3. नियमित कामों को ठीक से नहीं कर पाना 
  4. हमेशा थका हुआ महसूस करना 

ठीक से नहीं सोने की वजह से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक ब्रेन संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में बेहतर होगा की कुछ बातों का ख्याल रखा जाए, जैसे : 

  • इंसोम्निया से बचाव इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज किस प्रकार से अपने आप को आराम दे सकता है। कुछ सामान्य बदलाव हर उम्र के मरीजों के लिए लाभदायक होते हैं।
  • नियमित रूप से सुबह जागना और नियमित समय से ही सोना। सही समय पर न सोने की वजह से भी नींद आने में परेशानी हो सकती है। इसलिए सोने का समय तय रखें और साथ ही सुबह जागने का भी समय नियमित रखें। 
  • सोने तभी जाएं जब आपको लगने लगे की आपको नींद आ रही है।
  • सोते समय अपने आपको रिलैक्स रखें। किसी भी बातों के बारे में न सोचें। क्योंकि सोने के दौरान सोचने की वजह से नींद आने में परेशानी हो सकती है।  
  • नियमित रूप से योगा या व्यायाम की आदत डालें। इससे अच्छी नींद आने में मदद मिलेगी। 
  • सोने की जगह को साफ और अच्छा रखने से भी नींद अच्छी आती है। इसलिए अपने बेडरूम को क्लीन रखें। 
  • सोने के कुछ देर पहले खाना खाएं। फिर टहलकर रात को सोने जाएं।
  • सोते वक्त मोबाइल का इस्तेमाल न करें और टीवी भी न देखें। यह ध्यान रखें की सोने के दौरान किसी भी गेजेट्स का प्रयोग न करें। 
  • हल्की नीली लाइट में जल्दी नींद आती है, इसका इस्तेमाल आप अपने सोने वाले कमरे में कर सकते हैं। हालांकि रिसर्च के अनुसार बेडरूम में रेड लाइट (नाइट बल्ब) का प्रयोग करना चाहिए। इससे नींद अच्छी आती है। 
  • बेडशीट (चादर) कॉटन का प्रयोग करें और तकिये और गद्दे के क्वॉलिटी का भी ध्यान रखें। कभी-कभी तकिये और गद्दे की क्वॉलिटी ठीक नहीं होने के कारण भी नींद आने की परेशानी होती है।

ये भी पढ़ें: हेल्दी स्किन के लिए करने चाहिए ये जरूरी उपाय

मुंबई में रहने वाले 35 साल के प्रशांत कुमार मीडिया की कंपनी में काम करते हैं। उनसे जब हमने नींद से जुड़ी परेशानी के बारे में समझना चाहा तो उनका कहना था कि ‘अगर गद्दे या तकिये में से कोई भी एक ठीक न हो तो मुझे नींद नहीं आती है और नींद ठीक से पूरी नहीं होती है तो मैं अपने काम पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता हूं। यही नहीं ठीक से नहीं सोने की वजह से कब्ज की परेशानी भी होने लगती है। इसलिए मैं बेडशीट, मेट्रेस और तकिये के साथ-साथ बेडरूम को भी ठीक रखता हूं।’

इंसोम्निया की समस्या सिर्फ बड़ों में ही नहीं होती है बल्कि इसके शिकार बच्चे भी होते हैं। एक रिसर्च के अनुसार 41 प्रतिशत पेरेंट्स बच्चों में इंसोम्निया की समस्या की परेशानी डॉक्टर से शेयर कर चुके हैं।

बच्चों में इंसोम्निया के कारण क्या हैं?

बच्चों में इंसोम्निया के कारण निम्नलिखित हैं। जैसे-

इन कारणों के अलावा अन्य कारण भी हो सकते हैं। जैसे-

अगर आपका बच्चा ठीक से नहीं सो रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करें। अच्छी नींद हेल्थ को फिट रखने के लिए अहम भूमिका निभाती है।

नींद न आना किसी गंभीर बीमारी को न्योता देने के लिए काफी है। इसलिए, नींद नहीं आने की स्थिति में खुद से इलाज न करें। इंसोम्निया या नींद न आने से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

और पढ़ें:

बच्चे की उम्र के अनुसार क्या आप उसे आहार की मात्रा दे रहें हैं?

ग्रीन टी के फायदे : मोटापा कम करने से लेकर कैंसर जैसे रोग में भी लाभकारी है यह चाय

स्लीपिंग बेबी को ऐसे रखें सेफ, बिस्तर, तकिए और अन्य के लिए सेफ्टी टिप्स

Sleep Deprivation : स्लीप डेप्रिवेशन क्या है?

नींद की दिक्कत के लिए ले रहे हैं स्लीपिंग पिल्स तो जरूर पढ़ें 10 सेफ्टी टिप्स 

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

    क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
    happy unhappy"
    सूत्र

    शायद आपको यह भी अच्छा लगे

    Quiz: मूड स्विंग्स से जुड़ी ये जरूरी बातें नहीं जानते होंगे आप, क्विज खेलें और बढ़ाएं अपना ज्ञान

    मूड स्विंग्स के लक्षण क्या होते हैं? मूड स्विंग्स से जूझ रहे लोगों का किस तरह ध्यान रखना चाहिए? खाने पीने की किन चीजों का असर हमारे मूड पर पड़ता है?

    के द्वारा लिखा गया Mona narang
    क्विज फ़रवरी 13, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें

    Quiz : बच्चों की नींद के लिए क्या है जरूरी?

    बच्चों को अच्छी नींद ऐसे में माता-पिता क्या करें?

    के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
    क्विज फ़रवरी 10, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें

    Colorectal Cancer: कोलोरेक्टल कैंसर क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और उपाय

    जानिए क्या है कोलोरेक्टल कैंसर in hindi, इसके लक्षण, कारण और इलाज, Colorectal cancer की समस्या से परेशान है तो अपनाएं ये टिस्प और सावधानियां, इस कैंसर से बचने के लिए ध्यान रखने योग्य बातें

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Bhawana Sharma
    हेल्थ कंडिशन्स, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z दिसम्बर 10, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें

    Baikal Skullcap: बेकल स्कलकैप क्या है?

    जानिए बेकल स्कलकैप की जानकारी in hindi, फायदे, लाभ, बेकल स्कलकैप उपयोग, इस्तेमाल कैसे करें, कब लें, कैसे लें, कितना लें, खुराक, Baikal Skullcap डोज, ओवरडोज, साइड इफेक्ट्स, नुकसान, दुष्प्रभाव और सावधानियां।

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr Sharayu Maknikar
    के द्वारा लिखा गया Mona narang
    जड़ी-बूटी A-Z, ड्रग्स और हर्बल दिसम्बर 9, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें

    Recommended for you

    पेडिक्लोरील

    Pedicloryl : पेडिक्लोरील क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
    प्रकाशित हुआ जून 16, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
    बच्चों को नींद न आना-bacho-ko-neend-na-aana

    बच्चों को नींद न आना नहीं है मामूली, उनकी अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये टिप्स

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Hemakshi J
    के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
    प्रकाशित हुआ मई 14, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
    डिप्रेशन से बचने के उपाय-tips to avoid depression

    डिप्रेशन से बचने के उपाय, आसानी से लड़ सकेंगे इस परेशानी से

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
    प्रकाशित हुआ अप्रैल 17, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
    ल्यूकेमिया के कारण-Leukemia

    Quiz: ल्यूकेमिया के कारण, प्रकार और उपचार समझने के लिए खेलें यह क्विज

    के द्वारा लिखा गया Ankita Mishra
    प्रकाशित हुआ फ़रवरी 15, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें