पीकी ईटर्स को खाने के लिए न करें फोर्स, बल्कि खाने को बनाएं मजेदार

Medically reviewed by | By

Update Date दिसम्बर 11, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें
Share now

पीकी ईटर्स (Picky Eaters) ऐसे लोग होते हैं, जो खाने को लेकर नखरे दिखाते हैं। अक्सर टॉडलर्स में यह आदत देखी जाती है। पीकी ईटिंग की आदत बचपन से शुरू होकर व्यस्क होने तक लोगों में बनी रह सकती है। जब बच्चे बड़े होने लगते हैं, तब उन्हें जरूरी पोषण की जरूरत होती है और इस समय बच्चे अपने खाने को लेकर पीकी यानि कि नखरेबाज हो जाते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि लगभग 20% माता-पिता कहते हैं कि उनके दो से पांच साल के बच्चे पीकी ईटर्स हैं। ज्यादातर बच्चे समय के साथ इस आदत को बदल लेते हैं। लेकिन, ऐसे पीकी ईटर्स बच्चों के लिए माता-पिता को क्या करना है यह समझना भी जरूरी है। पहला कदम यह समझना है कि भोजन की बात आने पर बच्चे परेशान कर सकते हैं।

यह भी पढ़ेंः खाने में आनाकानी करना हो सकता है बच्चों में ईटिंग डिसऑर्डर का लक्षण

अगर आपके घर में बच्चों का पोषण एक गंभीर विषय है और आपका बच्चा पीकी ईटर्स की श्रेणी में आता है, तो जान लें कि आप अकेले नहीं है। कई माता-पिता इस बात की चिंता करते हैं कि उनके बच्चे क्या खाते हैं और क्या नहीं खाते। हालांकि, बच्चों को अपने आहार में बहुत विविधता और पोषण मिलता है। जब तक बच्चों में पीकी ईटिंग की आदत खत्म नहीं हो जाती, तब तक आप कुछ टिप्स फॉलो कर सकते हैं।

पीकी ईटर्स की भूख पर दें ध्यान

अगर आपका बच्चा भूखा नहीं है, तो उसे खाने के लिए जबरदस्ती न बिठाएं। अगर आपका बच्चा पीकी ईटर्स की कैटेगरी में आता है, तो अपने बच्चे को ऐसी चीजें खाने के लिए फोर्स न करें, जो उसे पसंद न हो। आपका ऐसा करना बच्चे को और परेशान कर सकता है और उसके खाने की इच्छा को कम कर सकता है। आपके द्वारा खाने के लिए दबाव डालने से आपका बच्चा चिंता और परेशानी में आ सकता है। अपने बच्चे की भूख और पसंद के अनुसार उसे खाना दें बहुत अधिक खाना देना उसके लिए परेशानी का विषय हो सकता है। अपने बच्चे को कहें कि उसे जब जितनी भूख हो वह उतना ही खाए।

यह भी पढ़ेंः होममेड बेबी फूड है बच्चों के लिए हेल्दी, जानें आसान रेसिपी

पीकी ईटर्स के लिए रुटिन को फॉलों करें

हर दिन लगभग एक ही समय पर भोजन और नाश्ता परोसें। अगर आपका बच्चा खाना खाने के लिए मना करता हैं, तो उसे नियमित रूप से नाश्ते के समय पौष्टिक आहार दें। आप अपने पीकी ईटर बच्चे को खाने के साथ दूध या जूस भी दे सकते हैं और खाने और नाश्ते के बीच पानी भी दे सकते हैं। अगर आपका बच्चा पहले से ही पीकी ईटर्स की श्रेणी में आता है, तो बच्चे को दिन भर जूस, दूध या स्नैक्स देने से उसकी भूख कम हो सकती है। जरूरत से ज्यादा लिक्विड देना उसकी भूख और कम कर सकता है।

पीकी ईटर्स को कुछ नया देने पर धैर्य रखें

छोटे बच्चे अक्सर नए खाने की चीजों को छूते या सूंघते हैं और अपने मुंह में छोटे-छोटे टुकड़े भी डाल सकते हैं और फिर उन्हें वापस बाहर निकाल सकते हैं। आपके बच्चे को कुछ नया खाने से पहले बार-बार देखने की जरूरत हो सकती है। पीकी ईटर्स कुछ नया खाने से पहले कई बार सोचते हैं और देखते हैं। उनके सामने कोई नई डिश को लाने से पहले उन्हें उसके फायदे के बारे में बताएं। अपने बच्चे को खाने के रंग, आकार, सुगंध और बनावट के बारे में बात करके प्रोत्साहित करें। बच्चे के पसंदीदा खाने के साथ ही नया खाना सर्व करें। पीकी ईटर्स के लिए उनके स्वस्थ विकल्पों को तब तक परोसते रहें जब तक ये भोजन उनके लिए परिचित और उनके पसंदीदा न हो जाएं।

यह भी पढ़ेंः बच्चों की गट हेल्थ के लिए आजमाएं ये सुपर फूड्स

पीकी ईटर्स के लिए अलग से कुछ न बनाएं

पीकी ईटर्स के लिए जरूरी है कि वह वहीं खाना खाएं, जो आपने बनाया है। पीकी ईटर्स को अलग से ट्रिटमेंट देना उनको और बिगाड़ सकता है। अगर आपका बच्चा वह खाना नहीं खाता जो आपने सबके लिए बनाया है, तो आप उसके लिए अलग से कुछ बनाने से बचें। पीकी ईटर्स के लिए अलग से खाना बनाने की वजह से उसकी आदत खराब हो सकती है। आपका ऐसा करना पीकी ईटर्स को और बढ़ावा दे सकता है। अपने बच्चे को आपके बनाए हुए खाने को खाने के लिए प्रेरित करें।

पीकी ईटर्स के लिए खाने को मजेदार बनाएं

पीकी ईटर्स के लिए जो खाना बनाया जाता है उसे थोड़ा मजेदार बनाएं। ब्रोकली और दूसरी सब्जियों को उनके पसंदीदा डिप या सॉस के साथ परोसें। वेजिटेबल कटर से सब्जियों को अलग-अलग आकार में काटें। अगर पीकी ईटर्स खाना खाने में नखरे करते हैं, तो उन्हें रात के खाने के लिए नाश्ते वाला हल्का खाना दें। पीकी ईटर्स का खाना जितना ज्यादा सुंदर होगा वह खाने से उतने अधिक आर्कषित होंगे। इस बात को ध्यान में रखकर पीकी ईटर्स के लिए खाना बनाएं।

यह भी पढ़ेंः बच्चों में भाषा के विकास के लिए पेरेंट्स भी हैं जिम्मेदार

पीकी ईटर्स से उनके खाने में मदद लें

आपका जो बच्चा पीकी ईटर्स की श्रेणी में आता है उसकी मदद ले। जब आप बाजार जाते हैं, तो फलों, सब्जियों और दूसरे स्वस्थ खाने की चीजों का चयन करने में बच्चे की मदद लें। पीकी ईटर्स अपने खाने को लेकर बहुत सेलेक्टिव होते हैं इसलिए यह भी याद रखें कि ऐसी कोई भी चीज न खरीदें, जो आप नहीं चाहते कि आपका बच्चा खाए।पीकी ईटर्स से किचन में भी मदद लें ताकि उन्हें पता चले कि आप क्या बना रहे हैं। ऐसा करने से उन्हें खाने में और इंट्रेस्ट आएगा।

पीकी ईटर्स के लिए उदाहरण सेट करें

अगर आप सही आहार लेते हैं, तो आपका बच्चा उसको फॉलो करेगा। पीकी ईटर्स के लिए आप सही उदाहरण बनें। जितना हो सके उनके सामने हेल्दी खाएं और पीएं। बच्चे सबसे पहले अपने माता-पिता को फॉलो करते हैं। पीकी ईटर्स हमेशा अपने खाने की आदतों के लिए अपने माता-पिता को देखते हैं।

यह भी पढ़ेंः बच्चों को व्यस्त रखना है, तो आज ही लाएं कलरिंग बुक

पीकी ईटर्स को खाने के समय डिस्ट्रेक्शन से बचाएं

पीकी ईटर्स के खाना खाते समय टीवी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को बंद कर दें। यह आपके बच्चे को खाने पर ध्यान लगाने में मदद करेगा। ध्यान रखें कि टेलीविजन देखते समय खाना खाने वाले बच्चों में पोषण की कमी होती है। इसके अलावा टीवी देखते हुए बीच में आने वाले विज्ञापन बच्चों के अंदर टॉफी और दूसरे मीठे प्रोडक्ट खाने की चाह को बढ़ा सकते हैं। पीकी ईटर्स को खाने के दौरान टीवी न देखने की आदत उनका ध्यान खाने पर बनाए रखने में मदद कर सकता है।

अगर आप परेशान हैं कि पीकी ईटिंग की वजह से आपके बच्चे की विकास में कमी आ रही है, तो अपने बच्चे के डॉक्टर से बात करें। वह आपके बच्चे के विकास को ध्यान में रखकर एक डायट चार्ट दे सकता है। इसके अलावा डॉक्टर आपके बच्चे के तीन दिनों के भोजन के प्रकार और मात्रा को भी रिकॉर्ड कर सकता है। याद रखें कि आपके बच्चे के खाने की आदतें रातो-रात नहीं बदलेंगी लेकिन हर दिन आप जो छोटे-छोटे कदम उठाते हैं वे उनके स्वस्थ जीवनकाल को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

अपनी प्लेट उठाना और धन्यवाद कहना भी हैं टेबल मैनर्स

बच्चों को टेबल मैनर्स कैसे सिखाएं, Table Manners in kids, टेबल मैनर्स क्यों जरुरी है, बच्चों को बाहर खाना सिखाएं, क्यों सिखाएं बच्चों को बाहर खाना

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Lucky Singh
बच्चों का पोषण, पेरेंटिंग दिसम्बर 13, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें

बच्चों को खड़े होना सीखाना है, तो कपड़ों का भी रखें ध्यान

बच्चों को खड़े होना सीखाना टिप्स क्यों जरूरी है, बच्चों को खड़े होना सीखाना कैसे आसान बनाएं, बच्चों को खड़े होने के लिए जरूरी टिप्स

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Lucky Singh
पेरेंटिंग टिप्स, पेरेंटिंग दिसम्बर 13, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें

बच्चों के लिए सिंपल बेबी फूड रेसिपी, जिन्हें सरपट खाते हैं टॉडलर्स

सिंपल बेबी फूड रेसिपी, सिंपल बेबी फूड रेसिपी कैसे बनाएं, Simple Baby Food Recipes, कैसे बनाएं बेबी फूड, जानें घर पर बनाई जाने वाली रेसिपी

Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar
Written by Lucky Singh
बच्चों का पोषण, पेरेंटिंग दिसम्बर 12, 2019 . 5 मिनट में पढ़ें

पिकी ईटिंग से बचाने के लिए बच्चों को नए फूड टेस्ट कराना है जरूरी

बच्चों को नए फूड टेस्ट कैसे कराएं, कैसे आसान करें बच्चों के अंदर नए फूड टेस्ट को पहचानना, Tips to help your child try new foods, नए फूड कैसे कराएं टेस्ट

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Lucky Singh
बच्चों का पोषण, पेरेंटिंग दिसम्बर 12, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

ओरल हाइजीन मिस्टेक

ओरल हाइजीन मिस्टेक: कहीं आप भी तो नहीं करते ये 9 गलतियां?

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Nidhi Sinha
Published on मार्च 23, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
Child Tantrums: बच्चों के नखरे

Child Tantrums: बच्चों के नखरे का कारण कैसे जानें और इसे कैसे हैंडल करें

Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
Written by Surender Aggarwal
Published on जनवरी 14, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
स्लो रिलीज इनसेमिनेशन

स्लो रिलीज इनसेमिनेशन (SRI) क्या है? किस तरह गर्भधारण में है मददगार

Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar
Written by Nidhi Sinha
Published on दिसम्बर 17, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें
Baby Food Allergy/बच्चों में फूड एलर्जी

बच्चों में फूड एलर्जी का कारण कहीं उनका पसंदीदा पीनट बटर तो नहीं

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Lucky Singh
Published on दिसम्बर 13, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें