बच्चे के दिमाग को रखना है हेल्दी, तो पहले उसके डर को दूर भगाएं

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अगस्त 26, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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बच्चों में डर की भावना होना आम बात है और जिस तरह हर बच्चे का अपना एक स्वभाव होता है उसी तरह बच्चों के डर के कारण भी अलग-अलग हो सकते हैं। कई बार यह जानना मुश्किल हो जाता है कि बच्चे का डर कैसे दूर किया जाए और उनकी सुरक्षा के बारे में उन्हें कैसे आश्वस्त किया जाए। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि बच्चे क्यों डरते हैं और उनका सबसे कॉमन डर क्या है। इसके अलावा यह जानना भी जरूरी है कि बच्चों में डर को कैसे कम करना चाहिए और उन्हें इस डर से बाहर निकालने के लिए क्या करना चाहिए।

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अंधेरे से बच्चे का डरना

बच्चा क्या सोचता है: अंधेरे से बच्चे का डरना बहुत सामान्य है। उनके अंदर डर होता है, जिसमें वो सोचते हैं कि जब वे नहीं देख सकते कि उनके आस-पास क्या है और ऐसे में वे अंधेरे में असुरक्षित महसूस करने लगते हैं।

कैसे करें मदद: ज्यादातर बच्चे किसी न किसी उम्र में अंधेरे से डरते हैं। अंधेरे में किसी अज्ञात के होने से बच्चे का डरना बहुत ही सामान्य डर है। इस डर का सामना करने के लिए अपने बच्चे को सिखाने की कोशिश करें कि घर में हर जगह की लाइट कैसे ऑन करें और उनके बेडरूम में एक नाइट-बल्ब भी लगाएं। अंधेरे से बच्चे का डरना कम करने के लिए जब वे सोने जाएं, धीरे-धीरे समय के साथ इस लाइट को कम कर दें। अंधेरे में बच्चे के साथ रात की सैर पर जाकर उसे अंधेरे को समझने में मदद करें और उन सभी नई और दिलचस्प चीजों पर चर्चा करें, जिन्हें आप अंधेरा होने पर देख सकते हैं।

मॉन्स्टर से बच्चे का डरना

वह क्या सोचता है: मॉन्स्टर से बच्चे का डरना भी बहुत कॉमन है। हर उम्र के बच्चे और खासकर दो से तीन साल के बच्चे इससे डरते ही हैं। बच्चों में एक सोच होती है कि कोई उनके बिस्तर के नीचे छिपा हो सकता है और उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है।

कैसे मदद करें: भले ही हम सभी जानते हैं कि मॉन्स्टर (राक्षसों) जैसी कोई चीज नहीं है लेकिन आपके कहने का कोई फायदा नहीं है। न्यू यॉर्क के डॉ ऐयलेट तालमी कहते हैं कि मॉन्स्टर से बच्चे का डरना केवल उनकी कल्पनाएं हैं, जो अंधेरे कोनों में, काली छाया, बादलों या कहीं भी राक्षसों के बारे में बताती हैं। उनकी इस बात को नजरअंदाज करने के बजाए उसकी चिंताओं को गंभीरता से लें और अपने बच्चे की इस काल्पनिक यात्राओं को रोकने में मदद करें। बच्चे को दिखाने के लिए पानी से एक स्प्रे बोतल भरें और अपने बच्चे को यह समझाएं कि उसके कमरे में एक बार स्प्रे करने से मॉन्स्टर उसे चोट नहीं पहुंचा सकता। ऐसा करने से छोटे बच्चों की कल्पनाओं में बसे मॉन्स्टर को कल्पना से ही खत्म कर सकते हैं। इसके अलावा बच्चों के कमरे के दरवाजे पर “नो मॉन्स्टर्स अलाउड” का पोस्टर लगाएं।

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मौसम से बच्चे का डरना

वह क्या सोचते हैं: जोर से बिजली का कड़कना बच्चे के डर का कारण बन सकता है। मौसम से बच्चे का डरना भी एक सामान्य परेशानी है। बच्चे के दिमाग में एक बात आती है कि जोर से बिजली की आवाज और तेज हवा डरावनी हो सकती है। ऐसे में बच्चे सोचने लगते हैं कि उन्हें उनकी सुरक्षा के लिए मम्मी-पापा की जरूरत है।

कैसे मदद करें: मौसम के बारे में बच्चे को समझने में मदद करें। इसके उलट उसे इसका आनंद लेना सीखाएं। यह मौसम के डर का मुकाबला करने का सबसे अच्छा तरीका है। अलग-अलग मौसम में बाहर खेलें ताकि आपका बच्चा महसूस कर सके कि जब वह हवा या बारिश होती है, तो क्या होता है। मौसम से बच्चे का डरना कम करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है उनके साथ हर मौसम में घूमने जाएं। अपने घर में एक वेदर चार्ट बनाएं ताकि आपका बच्चा मौसम के बारे में समझ सके। अगर आप किसी ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जहां तूफान, बारिश या दूसरी परिस्थितियां आ सकती है, तो एक खराब मौसम की निपटने की योजना बनाएं और बच्चे से भी इस बारे में बात करते रहें।

अंजान लोगों से बच्चे का डरना

वह क्या सोचता है: अंजान लोगों से डर की फीलिंग हर बच्चे में होती है और यह उनके अंदर तब तक रहती है, जब तक बच्चा रिश्तों को समझना न शुरू कर दें। बच्चों के दिमाग में एक बात होती है कि वे नहीं जानते कि आप कौन हैं या आप उनसे क्या चाहते हैं, इसलिए वे अपनी मॉम के करीब रहते हैं।

कैसे मदद करें: अंजान लोगों से बच्चे का डरना एक स्वस्थ, सुरक्षात्मक भय है। बच्चों को उन लोगों के पास नहीं जाना चाहिए जिन्हें वे नहीं जानते हैं। माता-पिता के लिए तब और परेशानी आती है जब  बच्चा उन दोस्तों या रिश्तेदारों से डरता, जिनसे वो कम मिलता है या कभी-कभी मिलता है। अंजान लोगों से बच्चे का डर कम करने के लिए बच्चे को समय दें कि वह उससे बातचीत करने और उनसे दोस्ती करने की अपेक्षा से पहले किसी को जान ले। अगर आप जानते हैं कि आपका बच्चा शर्मीला है, तो दोस्तों और रिश्तेदारों को पहले से बताएं कि आपके बच्चे को फ्रेंडली होने में थोड़ा समय लग सकता है। अपने दोस्तों को अपने बच्चे के पसंदीदा खेल और एक्टिविटीज के बारे में बताने की कोशिश करें ताकि उनके पास बच्चे के साथ बॉन्ड स्थापित करने का विकल्प हो। अंजान लोगों से बच्चे के डरने के और भी कई कारण हो सकते हैं इसलिए उनके साथ रहें और अपने आस-पास की गतिविधियों पर ध्यान दें।

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पेरेंट से अलग होने पर बच्चे का डरना

मुझे क्यों छोड़ रहे हैं: कम उम्र में पेरेंट से अलग होने से बच्चे का डरना एक बहुत ही सेंसिटिव मुद्दा है। बहुत से बच्चे अपने पेरेंट्स को लेकर बहुत सेंसिटिव होते हैं। उनके मन में एक डर होता है कि अगर उनके माता-पिता कभी वापस नहीं आए तो क्या होगा?

कैसे मदद करें:  जब बच्चों की प्राथमिक देखभाल करने वाले उनेक माता-पिता कहीं बाहर निकलते हैं, तो बच्चे का डरना सामान्य है। अपने बच्चे को हमेशा एक विश्वसनीय के साथ छोड़ें। अपने बच्चे को छोड़ने से पहले किसी एक्टिविटी में शामिल होने में मदद करें और उसे ठीक से गुडबाय कहें, चुपके से न निकलें। बच्चे के डर को कम करने के लिए उन्हें जाते समय हर बार कहें कि मम्मी जल्दी वापस आएंगी।

बच्चे का डर मैनेज करने के लिए जरूरी टिप्सः

अपने बच्चे को अपने दम पर डर को मैनेज करने में मदद करने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

  • धीरे-धीरे बच्चे के सामने उसके डर से उजागर करें। जो चीजें उसके लिए डरावनी हो सकती हैं उससे उसका सामना कराएं। उसे कोच करें और शांत रहने के लिए मदद करें।
  • अगर आप जानते हैं कि कुछ डरावना होने वाला है या इससे कुछ नुकसान होगा तो अपने बच्चे को सच्चाई बताएं। वह आपके उदाहरण को फॉलो करके और आपको सच बताने के लिए भरोसा करके डर का सामना करना सीखेगा।

बच्चों का डर कम करने के लिए किताबें पढ़ें और अन्य बच्चों के बारे में कहानियां बताएं, जो ऐसी ही चीजों से डरते थे और उन्होंने अपने डर पर काबू पाकर अपनी मंजिल को पाया। छोटे बच्चों को प्रतिकूल परिस्थितियों पर काबू पाने के लिए अन्य बच्चों के बारे में सुनना पसंद होता है इसलिए कोशिश करें कि बच्चे का डर कम करने के लिए बच्चों के ही कैरेक्टर्स का इस्तेमाल करें।

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