बेबी एलर्जी: इन्हें सामान्य सर्दी-जुकाम समझने की गलती न करें!

    बेबी एलर्जी: इन्हें सामान्य सर्दी-जुकाम समझने की गलती न करें!

    कोई माता-पिता यह नहीं चाहते कि उनका बच्चा कभी भी बीमार पड़े। लेकिन, बच्चों की इम्युनिटी कमजोर होती है इसलिए बच्चे बहुत जल्दी किसी भी बीमारी का शिकार हो सकते हैं। थोड़ा सा मौसम बदलते ही बच्चों को सर्दी-जुकाम की शिकायत होना आम है। ऐसे ही बच्चों में कुछ अन्य समस्याएं होना भी सामान्य हैं, जिनमे से एक है एलर्जी। आज हम बात करने वाले हैं बेबी एलर्जीज (Baby Allergies) के बारे में। जिन परिवारों में एलर्जी की हिस्ट्री है, उस परिवार के बच्चे इस समस्या से अधिक परेशान रहते हैं। हालांकि, माता पिता के लिए बच्चा क्या खा रहा है या किस चीज के संपर्क में है, इसे कंट्रोल करना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन, माता पिता बच्चों के लक्षणों को मॉनिटर कर के बच्चे के जीवन की गुणवत्ता को सुधार सकते हैं। जानते हैं, बच्चों में होने वाली एलर्जी यानी बेबी एलर्जीज (Baby Allergies) के बारे में विस्तार से।

    बच्चों में कौन-कौन सी एलर्जी होना सामान्य है? (Common Allergies in Children)

    एलर्जिक रिएक्शन, हमारे इम्यून सिस्टम के अनुपयुक्त रीस्पॉन्स का परिणाम होते हैं। दरअसल हमारा इम्यून सिस्टम बीमारियों से लड़ने का काम करता है। लेकिन, कई बार इम्यून सिस्टम कुछ हार्मलेस चीजों जैसे परागकण या किसी खाद्य पदार्थ को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मान कर रियेक्ट करता है। जिसके कारण एलर्जी होती है। बच्चों को भी वयस्कों के सामान ही एलर्जी हो सकती है। बेबी एलर्जीज (Baby Allergies) के लिए जिम्मेदार एलर्जेंस इस प्रकार हैं:

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    • कोई खाद्य पदार्थ (Food)
    • दवाईयां (Drugs)
    • कीड़े (Insects)
    • जानवरों की रुसी (Animal Dander)
    • धूल-मिटटी (Dust Mites)
    • मोल्ड (Mold)

    बेबी एलर्जीज (Baby Allergies) में सबसे सामान्य है स्किन एलर्जी, जो छोटे बच्चों को अधिक परेशान करती है। यूएस. सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल और प्रिवेंशन (U.S. Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार चार साल और इससे छोटे बच्चों में दस में से एक बच्चे को स्किन एलर्जी होती है। वहीं, इसी उम्र के 6 प्रतिशत बच्चों को फूड एलर्जी की समस्या रहती है। जबकि 5 प्रतिशत बच्चे रेस्पिरेटरी एलर्जी और 3 प्रतिशत बच्चे हे फीवर (Hay Fever) से पीड़ित होते हैं, जिसे एलर्जिक रायनाइटिस (Allergic Rhinitis) भी कहा जाता है।

    बेबी एलर्जी

    बेबी एलर्जी के लक्षण कौन से हैं? (Symptoms of Baby Allergies)?

    बच्चे के शरीर में कहीं भी एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। इसमें स्किन, आंखें, स्टमक की लायनिंग, नाक, गला और फेफड़े आदि शामिल है। इस एलर्जी के लक्षण बच्चों को परेशान करने वाले हो सकते हैं। एलर्जी प्रतिक्रियाओं के कारण बच्चों को यह समस्याएं हो सकती हैं:

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    एलर्जिक रिएक्शन (एनाफिलेक्सिस) जीवन के लिए खतरनाक भी हो सकते हैं। जिसके कारण सांस लेने में समस्या, उल्टी, डायरिया, लो ब्लड प्रेशर, बेहोशी हो सकती है। अब जानते हैं कि बेबी एलर्जीज (Baby Allergies) के कारण कौन से हैं:

    बेबी एलर्जी किन कारणों से हो सकती है? (Causes of Baby Allergies)

    ऐसा माना जाता है कि अगर बच्चों को एलर्जी की समस्या है तो उम्र के बढ़ने के साथ ही उनमें यह समस्या कम होने लगती हैं। बच्चों में बहुत सी चीजें एलर्जिक रिएक्शंस को बढ़ा सकती हैं। लेकिन, इनके सबसे सामान्य ट्रिगर्स या एलर्जेंस इस प्रकार हैं:

    • पेड़, घास या वीड पोलेन्स (Tree, Grass, and Weed Pollens)
    • नेचुरल रबर लेटेक्स (Natural Rubber Latex)
    • मोल्ड्स (Molds)
    • धूल के कण (Dust Mites)
    • जानवरों की रुसी, पेशाब आदि (Animal Dander, Urine)
    • भोजन (Foods)
    • दवाईयां (Medicines)
    • पंख (Feathers)
    • मधुमक्खी के डंक (Bee stings)
    • कीट जैसे कॉकरोचेस और चूहे (Pests such as Cockroaches and Mice)

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    किन बच्चों को एलर्जी का जोखिम अधिक होता है? (Risk of Allergies in children)

    हालांकि, एलर्जी सभी को प्रभावित कर सकती है। इसमें उम्र, लिंक आदि कुछ का फर्क नहीं पड़ता। लेकिन, बच्चों में यह समस्या अधिक सामान्य है। यह किसी भी उम्र के बच्चों को हो सकती है। कई बार कुछ समय तक यह परेशानी बच्चों को होने के बाद ठीक हो जाती है। लेकिन, कुछ सालों के बाद बच्चे को फिर से यह रोग हो सकता है। कई बार बेबी एलर्जीज (Baby Allergies) का कारण फैमिली हिस्ट्री भी हो सकती है। जिन बच्चों के परिवार में अन्य लोगों को यह समस्या होती है, उन्हें एलर्जी होने की संभावना अधिक होती है।

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    बच्चों में एलर्जी से होने वाली पॉसिबल कॉम्प्लीकेशन्स क्या हैं? (Possible Complications from Allergies in Babies)

    एलर्जी की सबसे गंभीर जटिलता है एनाफिलेक्सिस (Anaphylaxis)। हवा से एलर्जी पैदा करने वाले कुछ एलर्जेंस अस्थमा को ट्रिगर कर सकते हैं, जिससे सांस लेना भी मुश्किल हो सकता है। शुरुआत में यह समस्या इतनी अधिक गंभीर नहीं होती। लेकिन, लंबे समय तक अगर बेबी एलर्जीज (Baby Allergies) का सही उपचार न किया जाए तो सांस की समस्या हो सकती है। जैसे अगर रैशेज या हायव्स का उपचार न किया जाए और वो गंभीर हों, तो यह समस्या आगे चल कर जान के लिए भी जोखिम का कारण बन सकती है।

    बेबी एलर्जीज (Baby Allergies)

    कैसे पता चलेगा कि बच्चे को सर्दी-जुकाम है या एलर्जी?

    बहती नाक और खांसी कुछ ऐसे लक्षण हैं, जो एलर्जी और सामान्य सर्दी-जुकाम दोनों में हो सकते हैं। तो ऐसे में माता-पिता इन दोनों में अंतर कैसे कर सकते हैं? इनमे अंतर करने के लिए आपको बच्चों में लक्षणों के टाइमिंग और फ्रीक्वेंसी दोनों को नोटिस करें।सर्दी-जुकाम होना बच्चों में बहुत ही सामान्य है। जबकि मौसमी और एनवायर्नमेंटल एलर्जी, एलर्जेंस के कारण होती है। जिन्हें सांस के माध्यम से बच्चे शरीर के अंदर ले जाते हैं। आमतौर, पर सर्दी जुकाम एक हफ्ते से दो हफ्तों तक रहता है और उसके बाद आपका बच्चा ठीक हो जाता है। जबकि, एलर्जी के लक्षण लंबे समय तक रहते हैं।

    इसके साथ ही कुछ अन्य लक्षण भी हैं जिनसे आप पहचान सकते हैं कि यह सर्दी-जुकाम है या एलर्जी। जैसे एलर्जी के कारण बुखार नहीं होता लेकिन सर्दी-जुकाम के कारण बुखार होना सामान्य है। ऐसे ही एलर्जी में शरीर में दर्द नहीं होती जबकि सर्दी-जुकाम में बच्चे को पूरे शरीर में दर्द हो सकता है।

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    बच्चों में एलर्जी का निदान

    बेबी एलर्जीज के निदान (Diagnosis of Baby Allergies) के लिए सबसे पहले आपको अपने बच्चे में इसके लक्षणों को पहचानना होगाएलर्जी के निदान के लिए डॉक्टर बच्चे की पूरी हेल्थ हिस्ट्री के बारे में जानेंगे और बच्चे की जांच भी करेंगे। इसके साथ ही डॉक्टर आपको यह टेस्ट कराने के लिए भी कह सकते हैं:

    स्किन टेस्ट (Skin test)

    यह सबसे सामान्य एलर्जी का टेस्ट है। इससे पता चलता है कि बच्चे को किस एलर्जेनस से एलर्जी है। इस टेस्ट में थोड़ी सी मात्रा में डाइल्यूटेड एलर्जेंस को बच्चे की त्वचा पर रखा जाता है। इसके बाद इस स्थान को प्रिक या स्क्रैच किया जाता है। अगर बच्चे को उस खास एलर्जेन से एलर्जी है, तो पंद्रह मिनटों के बाद उस स्थान की त्वचा सूज जाती है। इस तरह से एक ही समय में कई एलर्जेंस की टेस्टिंग की जा सकती है। ऐसे ही डॉक्टर बेबी एलर्जीज (Baby Allergies) के निदान के लिए इंट्राडर्मल टेस्ट (Intradermal test) भी करा सकता है। इस टेस्ट में, एलर्जीन की एक छोटी मात्रा को त्वचा के नीचे इंजेक्ट किया जाता है। इससे जाना जाता है कि बच्चे को किस चीज से एलर्जी है।

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    ब्लड टेस्ट (Blood Test)

    एलर्जेन-स्पेसिफिक इम्युनोग्लोब्युलिन E टेस्ट (Allergen-Specific Immunoglobulin E Test) विभिन्न IgE एंटीबाडीज के लेवल को मापने के लिए किया जाता है। शरीर को बैक्टीरिया, वायरस और एलर्जी से बचाने के लिए इम्यून सिस्टम द्वारा एंटीबॉडी बनाई जाती हैं। IgE एंटीबॉडी आम तौर पर खून में कम मात्रा में पाए जाते हैं, लेकिन जब हमारा शरीर एलर्जेंस के लिए ओवररियेक्ट करता है तो खून में इसकी मात्रा बढ़ जाती है। IgE एंटीबाडीज कई तरह की होती है। ब्लड टेस्ट तब किया जाता है, जब स्किन टेस्ट संभव नहीं होता। जैसे अगर किसी बच्चे को स्किन संबंधी कोई समस्या हो, तो उस स्थिति में इस टेस्ट का सहारा लिया जाता है।

    चैलेंज टेस्ट (Challenge Test)

    बेबी एलर्जीज के निदान (Diagnosis of Baby Allergies) के लिए किए जाने वाले चैलेंज टेस्ट में डॉक्टर बहुत कम मात्रा में एलर्जेन बच्चे को ओरली देते हैं। हालांकि इन्हें सांस के माध्यम से भी दिया जा सकता है। इस टेस्ट से ही इस बात का पता चल सकता है कि एलर्जी कितनी गंभीर है। स्किन और ब्लड टेस्ट केवल एलर्जी के प्रकार को बताते हैं। लेकिन, चैलेंज टेस्ट से एलर्जी कैसी हो सकती है, इस बात का भी पता चल जाता है। बेबी एलर्जीज के निदान (Diagnosis of Baby Allergies) के लिए कौन सा टेस्ट कराना चाहिए, यह बात डॉक्टर निर्धारित करते हैं।

    बच्चों में एलर्जी का उपचार कैसे होता है? (How Allergies are Treated in a Children)

    बेबी एलर्जीज का उपचार (Treatment of Baby Allergies) बच्चे में लक्षण, उम्र और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। इसके साथ ही यह बच्चे की स्थिति की गंभीरता पर भी निर्भर करता है। कई बार एलर्जीज़ के लक्षण कुछ अन्य हेल्थ प्रॉब्लम्स की तरह भी दिखाई देते हैं। बेबी एलर्जीज के उपचार (Treatment of Baby Allergies) के तीन सबसे प्रभावी तरीके हैं

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    दवाइयां (Medicines)

    बेबी एलर्जीज के निदान (Diagnosis of Baby Allergies) के बाद डॉक्टर उस एलर्जी के अनुसार डॉक्टर बच्चे को सही दवाइयां दे सकते हैं। बच्चे का उपचार एलर्जी के प्रकार पर निर्भर करता है। सामान्य लक्षणों को कम करने के लिए यह उपाय किए जा सकते हैं।

    • त्वचा में रैशेज या नाक के बहने की समस्या से छुटकारा पाने के लिए डॉक्टर बच्चों को पिल्स या लिक्विड जिन्हें एंटीहिस्टामाइन (Antihistamine) दे सकते हैं।
    • अगर बच्चे को सांस लेने में समस्या है तो इनहेलर का प्रयोग करें।
    • जीवन के लिए जोखिम रिएक्शन के आपातकालीन उपचार के लिए एपिनेफ्रीन (Epinephrine की सलाह दी जाती है।
    • कम उम्र के बच्चों के लिए डिकंजस्टेंटस (Decongestants) की सिफारिश नहीं की जाती है। बच्चों में एलर्जी की सही दवा के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने बच्चे के डॉक्टर से सलाह लें। बिना डॉक्टर की सलाह के उसे कोई भी दवाई न दें।

    एलर्जी शॉट्स (Allergy Shots)

    एलर्जी शॉट्स को इम्यूनोथेरपी भी कहा जाता है। इसका प्रयोग बच्चे के किसी खास एलर्जेंस के संपर्क में आने के बाद लक्षणों को रोकने के लिए किया जाता है। इसमें संभावित खास एलर्जेन की थोड़ी सी मात्रा को त्वचा में इंजेक्ट किया जाता है। यह शॉट्स इम्म्यून सिस्टम को स्टिमुलेट करते हैं। एलर्जी का इलाज करने के लिए एलर्जी शॉट्स एक बहुत अच्छा तरीका है। वे नई एलर्जी के विकास और बच्चों में एलर्जीन राइनाइटिस को अस्थमा में बदलने से रोक सकते हैं।

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    कैसे करें एलर्जी से बच्चों का बचाव (Prevention)

    एलर्जी इम्यून सिस्टम की समस्या है। अधिकतर एलर्जिक रिएक्शन तब होते हैं जब हमारा इम्यून सिस्टम एलर्जेंस के प्रति रिएक्शन देता है। एलर्जिक रिएक्शन अधिकतर पेड़, घास, दवाइयों, भोजन, धूल आदि के कारण होता है। इसका निदान और उपचार भी संभव है लेकिन फिर भी आप कुछ तरीकों को अपना कर अपने बच्चे को एलर्जी से बचा सकते हैं। बेबी एलर्जीज (Baby Allergies) से बचने के तरीके इस प्रकार हैं:

    खाद्य पदार्थ और दवाइयों से एलर्जी (Food and Medicine Allergy)

    फूड एलर्जी धीरे-धीरे शुरू होती है। अगर आपके बच्चे को भी किसी चीज से एलर्जी है तो उसे वो चीज खाने को न दें। जैसे अगर आपके बच्चे को अंडे से एलर्जी है तो इस बात का ध्यान रखें कि आपका बच्चा उसे न खाएं। अगर आपके बच्चे को किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी है, लेकिन आप यह जान नहीं पा रहे हैं कि वो चीज क्या है। तो इसके बारे में जानने के लिए आपको हर चीज नोटिस करनी होगी कि किसी भी चीज या दवा को खाने के बाद आपके बच्चे में क्या रिएक्शन होते हैं। इस के लिए आप डॉक्टर की मदद भी ले सकते हैं।

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    बेबी एलर्जीज (Baby Allergies)

    एनवायर्नमेंटल (Environmental Allergy)

    अगर आपके बच्चे को एलर्जी या अस्थमा होने की संभावना अधिक होती है तो उसे धूल-मिट्टी से दूर रखें। ऐसे ही अगर जानवरों से उन्हें एलर्जी है तो जानवरों के संपर्क में न आने दें। धूल-मिट्टी से उन्हें दूर रखने के लिए अपने घर की साफ-सफाई पर भी ध्यान दें।

    मौसमी (Seasonal Allergy)

    बच्चों में होने वाली एलर्जी में परागकणों से एलर्जी होना भी सामान्य है। यह परागकण साल के किसी खास समय में ही उड़ते हैं। इसलिए उस मौसम में अपने बच्चे को घर में ही रखें और दरवाजे-खिड़कियों को भी बंद रखें ताकि आपका बच्चा उनके संपर्क में आने से बचे।

    अन्य तरीके (Other Ways of Prevention)

    बेबी एलर्जीज (Baby Allergies) कई बार उम्र भर की समस्या होती है जिन्हें केवल बचाव से मैनेज किया जा सकता है। हालांकि बेबी एलर्जीज (Baby Allergies) के कई लक्षण बच्चे की उम्र बढ़ने के साथ ही कम हो जाते हैं। हालांकि हर एलर्जी से बचाव संभव नहीं है, लेकिन इन एलर्जिक रिएक्शंस के जोखिम को कम करने के लिए आप इन तरीकों को भी अपना सकते हैं

    • घर में धूल-मिट्टी को जमने न दें, खासतौर पर बच्चे के कमरे में।
    • हवा और बरसात के मौसम में खिड़की को खोलने की जगह AC का प्रयोग करें।
    • घर में नमी को दूर करने के लिए ह्यूमिडिफायर का प्रयोग करें।
    • जब भी बच्चा घर के बाहर खेल कर घर आए, तो अच्छे से उसे नहलाएं, उसके बालों को धोएं और कपड़ों को बदलें।
    • बच्चों के डॉक्टर भी आपको उन एलर्जेंस से बचने की सलाह दें जिससे उन्हें रिएक्शन होता है।
    • घर में धूम्रपान न करें।
    • धूल-मिट्टी और घुन से बचाने वाले बिस्तर का प्रयोग करें।
    • बच्चे को उन जगहों पर ले जाने से बचें जहां उन्हें एलर्जी होने की संभावना अधिक हो।

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    बेबी एलर्जीज (Baby Allergies) को मैनेज किया जा सकता है। लेकिन उसके लिए आपको अपने रोजाना के जीवन में थोड़े से बदलाव करने होंगे। बच्चे को फूड एलर्जी है तो इसका अर्थ है कि आपको अपने और बच्चे की डायट में बदलाव करना होगा। इसके लिए आपको अपने डॉक्टर से सही राय लेनी होगी। बच्चों में एलर्जी होना कोई असामान्य बात नहीं है। लेकिन, महत्वपूर्ण यह है कि आप इससे अपने बच्चे को दूर रखने के लिए क्या कर सकते हैं। याद रखें, समय पर इनका निदान, उपचार और बचाव से एलर्जी से प्रभावित बच्चा पूरी उम्र सामान्य जीवन जी सकता है।

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    AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 16/06/2021 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड