किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी रखना है बेहद जरूरी, नहीं तो बढ़ सकता है खतरा

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट मई 25, 2020 . 7 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी रखना बेहद जरूरी होता है। हालांकि, किडनी प्रात्यारोपण के बाद व्यक्ति अपने दैनिक कार्यों को पहले की ही तरह करने में सक्षम हो जाता है, लेकिन जिस व्यक्ति को नई किडनी लगाई गई है उसको किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी बरतनी चाहिए।

शरीर के सभी ऑर्गन्स शरीर के दैनिक कार्यों की गतिविधियों के लिए बेहद जरूरी होते हैं। ऐसे में जब शरीर का कोई ऑर्गन खराब हो जाता है, तो शरीर के अन्य ऑर्गन्स के कार्य करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। आपको किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी के तौर पर किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए, किडनी प्रत्यारोपण के बाद किस तरह का आहार लेना चाहिए और किससे परहेज करना चाहिए इन सभी महत्वपूर्ण बातों के बारे में हम जानेंगे इस आर्टिकल में।

यह भी पढ़ेंः कोरोना वायरस फेस मास्क से जुड़ी अफवाहों से बचें, जानें फेस मास्क की सही जानकारी

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी बरतने के लिए सबसे पहले मुझे किन बातों को नोटिस करना चाहिए?

आमतौर पर किडनी प्रत्यारोपण होने के कुछ दिनों बाद व्यक्ति हॉस्पिटल से घर वापस आ सकता है। जहां पर आपको कई बातों का ध्यान रखना होता है। आपका किडनी प्रत्यारोपण कितना सफल हुआ है और प्रत्यारोपित होने के बाद किडनी कैसे कार्य कर रही है, इस बिंदुओं की निगरानी करने के लिए आपको अपने स्वास्थ्य की निम्न स्थितियों पर ध्यान देना चाहिए। अगर आपका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है और नीचे दिए गए किसी भी लक्षण का अनुभव होता है, तो तुरंत अपने डॉक्टर या सर्जन को इसकी सूचना देंः

  • एक दिन में 2 पाउंड (907 gram) या एक सप्ताह में 4 पाउंड (2kg के थोड़ा कम) तक वजन बढ़ता है
  • 100.6 डिग्री या इससे अधिक तापमान पर बुखार आना
  • प्रत्यारोपित अंग में लगातार दर्द होता है
  • सर्जरी के स्थान पर सूजन होना या त्वचा का लाल होना
  • टांके लगे स्थान से किसी तरह के तरल पदार्थ बहना, जैसे पानी, मवाद या खून
  • पेशाब बहुत कम होना
  • लेटने पर सांस लेने में तकलीफ हो
  • पेशाब करते समय दर्द, जलन होना
  • पेशाब का रंग बदलना या अलग तरह की गंध आना
  • 24 घंटे से अधिक समय बाद भी लगातार उल्टी आना
  • किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी रखने और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए आपके डॉक्टर ने जो दवाएं निर्देशित की हो उसे खाने के बाद उल्टी होना
  • कुछ भी खाने-पीने के बाद उल्टी हो जाना
  • आपके डॉक्टर द्वारा निर्धारित की गई दर्द की दवा का सेवन करने के बाद भी दर्द कम न होना
  • मूत्र में खून आना
  • 3 दिनों से अधिक समय तक कब्ज या दस्त की समस्या
  • लेटने या खड़े होने पर चक्कर आना
  • ब्लड प्रेशर 100 से कम होना
  • ब्लड प्रेशर 185 से अधिक होना

ऊपर बताए गए लक्षणों के अलावा भी, अगर आपको किसी और गंभीर स्थिति का अनुभव होता है, तो भी आपको अपने डॉक्टर को फोन करना चाहिए या तत्काल चिकित्सा से संपर्क करना चाहिए।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद व्यक्ति कब तक जीवित रह सकता है?

डॉक्टर्स के मुताबिक, किडनी ट्रांसप्लांट के लिए या तो मृत व्यक्ति की किडनी का इस्तेमाल किया जाता है या फिर जीवित व्यक्ति की किडनी का इस्तेमाल किया जाता है। दोनों ही स्थितियों में किडनी कैसे कार्य करेगी यह ट्रांसप्लांट कराने वाले व्यक्ति के आहार और जीवनशैली पर निर्भर कर सकता है। हालांकि, दोनों ही स्थितियां किसी भी व्यक्ति को एक लॉगटर्म सुरक्षित जीवन देने में मददगार होती हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो जीवित व्यक्ति द्वारा प्राप्त की गई किडनी ट्रांसप्लांट का विकल्प ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

अगर मृत व्यक्ति द्वारा प्राप्त किडनी ट्रांसप्लांट की जाती है, तो संभावित जीवनकाल 8 से 12 साल या उससे अधिक समय तक का हो सकता है, वहीं अगर किसी जीवित व्यक्ति द्वारा प्राप्त किडनी ट्रांसप्लांट की जाए, तो संभावित जीवनकाल 12 से 20 साल या उससे अधिक समय तक का हो सकता है। हालांकि, दोनों ही प्रक्रिया डायलिसिस के मुकाबले काफी सुरक्षित, सफल और लाभकारी होती हैं।

यह भी पढ़ेंः सावधान! दाढ़ी और कोरोना वायरस का नहीं जानते हैं संबंध? तो तुरंत पढ़ें ये खबर

डायलिसिस क्या है?

डायलिसिस की प्रक्रिया को हम आम भाषा में एक कृत्रिम किडनी कह सकते हैं। किडनी हमारे शरीर में मुख्य रूप से खून को साफ करके अन्य अंगों में संचारित करने का कार्य करती है। अगर किडनी खराब हो जाए, तो खून के विषाक्त पदार्थ शरीर के सभी अंगों में प्रवाहित होने लगेंगे जिससे शरीर के अंग खराब होने शुरू हो सकते हैं। इसके कारण कई बीमारियां हो सकती हैं। इससे बचाव करने के लिए डायलिसिस भी एक उपचार की प्रक्रिया होती है। डायलिसिस व्यक्ति के शरीर के खून को फिल्टर करके वापस उसे शरीर के सभी अंगों में प्रवाहित करने का कार्य करता है। हालांकि, डायलिसिस की प्रक्रिया को हम लॉन्ग टर्म नहीं कह सकते हैं।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी बरतने के लिए मुझे क्या करना चाहिए?

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी बरतने के लिए आपको निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिएः

 किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी बरतें और संक्रमण से बचाव करें

किडनी प्रत्यारोपण होने के बाद आपको किडनी से जुड़े इंफेक्शन होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में सबसे पहले उनकी आहार और फलों का सेवन करें जिनका निर्देश आपके डॉक्टर ने दिया हो। साथ ही, सब्जी या फल खाने से पहले उसे अच्छे से धो लें।

यह भी पढ़ेंः Dilation and curettage (D&C) : डायलेशन और क्यूरिटेज प्रोसीजर क्या है?

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी रखें और वजन को हमेशा नियंत्रित रखें

किडनी प्रत्यारोपण के बाद आपको अपने वजन का खास ध्यान रखना चाहिए। उस तरह के आहारों का सेवन न करें जो बहुत जल्दी आपका वजन बढ़ाने या वजन घटाने का कारण बन सकते हो। किडनी प्रत्यारोपण के बाद आपको काफी हद तक शारीरिक कमजोरी हो सकती है, ऐसे में आपको धीरे-धीरे और उचित तरीके से वजन बढ़ाना चाहिए। किडनी ट्रांसप्लांट के शुरूआती कुछ महीनों में आपको सिर्फ संतुलित और पौष्टिक आहार का ही सेवन करना चाहिए। ताकि आपका नया गुर्दा आपके शरीर के अन्य अंगों के साथ उचित तरीके से कार्य कर सके।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी रखें, वाहन न चलाएं और ज्यादा सफर न करें

गुर्दा प्रत्यारोपण के बाद आपके डॉक्टर आपको आराम करने की सलाह देंगे। गुर्दा प्रत्यारोपित होने के पांच से छह महीनों तक किसी भी प्रकार का वाहन न चलाएं और न ही ज्यादा लंबा सफर तय करें। किडनी प्रत्यारोपण के बाद सावधानी बरतते हुए आपको अधिक से अधिक आराम करना चाहिए।

शारीरिक गतिविधियों में बरतें सावधानी

किडनी प्रत्यारोपण होने के बाद कम से कम छह से आठ सप्ताह तक अचानक या तेजी से उठने, बैठने, लेटने से बचें। इसके अलावा अगले तीन महीनों तक किसी भी तरह के व्यायाम, रनिंग, स्विमिंग जैसी गतिविधियां भी न करें। अगर आप पूरी तरह से स्वस्थ्य महसूस करते हैं और आप किसी तरह की शारीरिक गतिविधी शुरू करना चाहते हैं, तो एक बार अपने डॉक्टर की परामर्श अवश्य लें।

यह भी पढ़ेंः किडनी की बीमारी कैसे होती है? जानें इसे स्वस्थ रखने का तरीका

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी बरतें और शारीरिक संबंध न बनाएं

गुर्दा प्रत्यारोपण के बाद आपको कुछ महीनों तक यौन गतिविधियां भी नहीं करनी चाहिए। न ही सेक्स पावर बढ़ाने वाली किसी भी तरह की दवा का सेवन करना चाहिए। अगर किसी महिला का गुर्दा प्रत्यारोपण हुआ है, तो किडनी ट्रांसप्लांट के दो से तीन महीनों में पीरियड्स भी नियमित हो सकते हैं। इस दौरान महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियों का भी सेवन नहीं करना चाहिए।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी बरतें और प्रेग्नेंसी से बचें

अगर किसी महिला ने गुर्दा प्रत्यारोपण करवाया है, तो उसे कम से कम एक साल तक प्रेग्नेंसी की प्लानिंग नहीं करना चाहिए। यह मां और बच्चे दोनों के लिए ही जोखिम भरा हो सकता है। किडनी प्रत्यारोपण के कितने सालों बाद आप सुरक्षित तरीके से गर्भवती हो सकती हैं, इसके बारे में अपने डॉक्टर की सलाह लें।

किडनी ट्रांस्पलांट के बाद सावधानी बरतें और स्मोकिंग न करें

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी बरतने के लिए आपको स्मोकिंग या ड्रिंकिंग भी नहीं करनी चाहिए। किसी भी नशीले पदार्थ के सेवन से जितनी हो सके उतनी दूरी बनाए रखें।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी रखें और पालतू जानवरों से दूरी बनाएं

अगर घर में कोई पालतू जानवर है, तो किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी बरतते हुए उसके ज्यादा करीब न जाएं। अगर आपके पास पालतू कुत्ता या बिल्ली है, तो उसका उचित टीकाकरण जरूर कराएं। ताकि, उसके कारण आपको या परिवार के अन्य सदस्यों को किसी तरह के संक्रमण होने का जोखिम न हो। कुत्ते, बिल्लियों को अलावा आपको चूहों, मछलियों और पक्षियों से भी दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

यह भी पढ़ेंः जब घर में शिशु और पालतू जानवर दोनों हों तो किन-किन बातों का रखें ध्यान?

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी रखें और जरूरी टेस्ट करवाएं

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी का बरते हुए आपको ब्लड टेस्ट, आई टेस्ट और दातों का भी चेकअप करवाना चाहिए।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी से करें हर काम

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी के साथ हर काम करना जरूरी है। फिर चाहे वह हाथ धोना ही क्यों न हो। खाना खाने से पहले और बाद में हाथों को अच्छे धो लें। खुद झुकर या खड़े होकर हाथों को खुद से धोने की बजाय इस कार्य में घर के सदस्यों की मदद लें। हमेशा साफ-सुथरे कपड़े पहनें। किडनी प्रत्यारोपण के कुछ हफ्तों तक नहाने से बचें। इसके लिए आप स्पंज बाथ ले सकते हैं। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद कुछ मामलों में आपको कैंसर के होने का जोखिम बढ़ सकते हैं। इसलिए धूप के प्रभाव में अधिक समय तक न रहें। अगर घर से बाहर जा रहे हैं, तो हमेशा अच्छी क्वालिटी का सनस्क्रीन इस्तेमाल करें।

यह भी पढ़ेंः बीच के किनारे जाने से पहले क्यों जरूरी है ट्रैवल किट में सनस्क्रीन क्रीम

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी बरतने के लिए मुझे किस तरह का आहार लेना चाहिए?

क्लीवलैंड क्लिनिक में नेफ्रोलॉजी एंड हाइपरटेंशन के एमडी, रिचर्ड फेटिका कहते हैं “गुर्दा प्रत्यारोपण के बाद कभी-कभी आवश्यक हो जाता है कि पेशेंट कुछ तरह के खाद्य पदार्थों से परहेज करें। इसके अलावा, जब भी शरीर में किसी नए अंग का प्रत्यारोपण होता है, तो हमारा शरीर उसे अस्वीकार करने का प्रयास करता है शरीर को ऐसा करने से रोकने के लिए डॉक्टर कुछ जरूरी दवाओं के सेवन का निर्देश दे सकते हैं। इन दवाओं को इम्यूनोसप्रेसेन्ट कहा जाता है। साथ ही, गुर्दे का प्रत्यारोपण होने के बाद वह शरीर के साथ उचित तरीके से कार्य करना जल्दी शुरू कर दे इसके लिए आपको ऐसे आहार खाने चाहिए जो इस कार्य में आपके शरीर और किडनी की मदद करें, जिसमें निम्न शामिल हैंः

प्रोटीन युक्त आहार

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी के साथ आपको अपने आहार में संतुलित आहार और प्रोटीन की मात्रा शामिल करनी चाहिए। प्रोटीन आपकी मांसपेशियों के निर्माण और खोए हुए वजन को बढ़ाने में मददगार हो सकता है। हालांकि, प्रोटीन के तौर पर आपको सिर्फ सब्जियों और अनाजों पर ही निर्भर रहना चाहिए। इसके लिए आप प्रोटीन सप्लीमेंट या प्रोटीन पाउडर का सेवन नहीं कर सकते हैं।

यह भी पढ़ेंः भारत का पहला प्रोटीन डे आज, जानें क्यों पड़ी इस खास दिन की जरूरत?

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी के तौर पर क्या नहीं खाना चाहिए?

गुर्दा प्रत्यारोपण के बाद आपको निम्न आहारों का सेवन नहीं करना चाहिए जिनमें शामिल हैंः

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सावधानी पर आधारित यह लेख आपको पसंद आया होगा हमें ऐसी आशा है। हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ेंः-

समझें मिर्गी के कारण और फिर करें उचित उपचार

ल्यूकेमिया के कारण, प्रकार और उपचार समझने के लिए खेलें यह क्विज

प्रेग्नेंसी में ब्रेस्ट कैंसर से हो सकता है खतरा, जानें उपचार के तरीके

प्रेग्नेंसी में कैंसर का बच्चे पर क्या हो सकता है असर? जानिए इसके प्रकार और उपचार का सही समय

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

Serum Glutamic Pyruvic Transaminase (SGPT): सीरम ग्लूटामिक पाइरुविक ट्रांसएमिनेस (एसजीपीटी) टेस्ट क्या है?

सीरम ग्लूटामिक पाइरुविक ट्रांसएमिनेस कैसे किया जाता है? सीरम ग्लूटामिक पाइरुविक ट्रांसएमिनेस क्यों किया जाता है? एसजीपीटी परीक्षण क्या होता है। Serum glutamic pyruvic transaminase (SGPT) in hindi.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया shalu
मेडिकल टेस्ट A-Z, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z मई 7, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Renal Calculi: Causes, Symptoms, Treatment

Also known as Kidney Stone, Renal Calculi is an accumulation of tiny crystals in the kidney or urinary tract. Read to know the causes, symptoms, treatment.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Shruthi Shridhar
के द्वारा लिखा गया sonali pimputkar
बिना श्रेणी अप्रैल 9, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

Parsley piert: पार्सले पिअर्त क्या है?

जानिए पार्सले पिअर्त की जानकारी in hindi, फायदे, लाभ, पार्सले पिअर्त उपयोग, इस्तेमाल कैसे करें, कब लें, कैसे लें, कितना लें, खुराक, Parsley piert डोज, ओवरडोज, साइड इफेक्ट्स, नुकसान, दुष्प्रभाव और सावधानियां।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Hemakshi J
के द्वारा लिखा गया Mona narang

सेल्फ मेडिकेशन (Self Medication) से किडनी प्रॉब्लम को न्यौता दे सकते हैं आप

सिरदर्द, पेट दर्द या एसिडिटी की दवाओं से कहीं आप भी तो नहीं कर रहें किडनी की बीमारी को इन्वाइट? Side effects of self medication on Kidney in hindi.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Mona narang

Recommended for you

डायबिटिक किडनी डिजीज

डायबिटिक किडनी डिजीज (Diabetic Kidney Disease): जानें क्या है इसका कारण, बचाव और इलाज

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Mishita sinha
प्रकाशित हुआ अगस्त 19, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
किडनी के रोगी का डायट प्लान/diet plan for kidney diseas

जानिए किडनी के रोगी का डायट प्लान,क्या खाएं क्या नहीं

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया shalu
प्रकाशित हुआ जुलाई 8, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
भारत के टॉप 10 डॉक्टर्स

नेशनल डॉक्टर्स डे पर कहें डॉक्टर्स को ‘थैंक यू’ और जानें भारत के टॉप 10 डॉक्टर्स के नाम

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
प्रकाशित हुआ जून 30, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
पथरी का आयुर्वेदिक इलाज

पथरी का आयुर्वेदिक इलाज क्या है? जानें कौन सी जड़ी-बूटी होगी असरदार

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
प्रकाशित हुआ जून 22, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें