होममेड बेबी फूड है बच्चों के लिए हेल्दी, जानें आसान रेसिपी

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट मई 19, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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जब आपका बच्चा गोद में होता है और दूध और फॉर्मूला मिल्क ले रहा होता है, तब तक आपकी चिंता कम होती है। लेकिन, एक बार जब आपका बच्चा सॉलिड फूड पर शिफ्ट हो जाता है, तो पेरेंट्स की टेंशन भी बढ़ जाती है। होममेड बेबी फूड देना बच्चे की सेहत के लिए अच्छा होता है। लेकिन, अगर आपका बच्चा बेबी फूड लेना पसंद नहीं करता है, तो आपको इसके लिए कुछ तैयारियां करनी पड़ेगी। हालांकि, बाजर में अलग-अलग तरह के पोषण वाले बेबी फूड उपलब्ध हैं। लेकिन, होममेड बेबी फूड बच्चे के लिए हमेशा सही होता है। होममेड बेबी फूड के बहुत से फायदे और साथ ही साथ नुकसान भी हैं।

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होममेड बेबी फूड के फायदे

बच्चों को होममेड बेबी फूड देने के बहुत से फायदे हैं। जैसे किः

होममेड बेबी फूड केमिकल फ्री होता है

होममेड बेबी फूड मेंं ज्यादातर फल, सब्जियां और ग्रेंन्स शामिल होते हैं। होममेड बेबी फूड को रिफाईन नहीं किया जाता जैसे कि रेडीमेड फूड को किया जाता हैं।

होममेड बेबी फूड में मिलती है वेरायटी

पैकेज फूड में अलग-अलग टेक्चर और फ्लेवर उपलब्ध होते हैं, इसके बावजूद इसके ऑप्शन लिमिटेड होते हैं। इस कारण बच्चों को दूध और फॉर्मूला मिल्क से सॉलिड फूड पर शिफ्ट करने के लिए पैकेज फूड में कम ही ऑप्शन बचते हैं। जबकि, होममेड बेबी फूड में बहुत से ऑप्शन होते हैं और ये हर बार अलग-अलग टेस्ट का हो सकता है।

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होममेड बेबी फूड में होते हैं भरपूर पोषक तत्व

होममेड फूड हमेशा बाहर के पैकेज फूड से अधिक पोषण देता है। अपने बच्चे को होममेड बेबी फूड देने के लिए आप सही समय के अनुसार पोषण वाला खाना दे सकते हैं। पैकेज फूड को हर बार गरम करना पड़ता है, जिससे कीटाणुओं को खत्म किया जा सकता है। लेकिन, ऐसा करने से खाने के पोषक तत्व कम हो जाते हैं।

बेबीफूड आता है बच्चों को पसंद

शुरुआत में बच्चे खाना खाने में नखरे करते हैं। अपने बच्चे को अलग-अलग फ्लेवर के बेबी फूड, जिनका टेक्सचर अलग हो, खूशबु अलग हो उसे बच्चे पसंद करते हैं। बच्चे को बेबी फूड पर ट्रांसफर करने के लिए बेबी फूड की वैरायटी खिलाएं। ऐसा करने से बच्चे के अंदर खाने को देखकर मुंह बनाने की आदत कम होती है।

होममेड बेबी फूड होता है किफायती

बच्चे के लिए ऑर्गेनिक बेबी फूड खरीदना आजकल ट्रेंड में है। लेकिन, मार्केट से बेबी फूड के इंग्रीडियेंट लेकर खाना बनाना आपके पॉकेट के लिए हमेशा सही है। अगर आप ऐसा करते हैं, तो बच्चे को घर का खाना तो मिलेगा ही और आपकी पॉकेट पर ज्यादा असर भी नहीं पड़ेगा।

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होममेड बेबी फूड बनाने के नुकसान

समय ज्यादा लगता है

जब आप होममेड बेबी फूड बनाते हैं, तो आपका ज्यादा समय लगता है। बजाए इसके अगर आप बच्चे को पैकेज फूड देते हैं, तो इसके लिए आपको केवल अपने फ्रीज से खाना निकाल कर बच्चे को खिलाना है। खाना बनाना और फ्रीज से खाना निकाल कर खिलाना दोनों में समय का अंतर होता है। इसलिए अगर आपके पास समय की कमी है तो आप बेबी को पैकेज फूड खिला सकते हैं।

होममेड बेबी फूड को स्टोर करने में परेशानी

बाजार से खरीदे हुए बेबी फूड में आसानी से स्टोर किया जा सकता है। वह कई दिनों तक स्टोर होने के बाद भी फ्रेश रहता है, लेकिन होममेड बेबी फूड को फ्रेश रखना मुश्किल  का काम होता है।

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जानें होममेड बेबी फूड बनाने की रेसिपी

अगर आप अपने बच्चे को बेबी फूड पर शिफ्ट करने वाले हैं, तो ध्यान रखें कि आपके बच्चे को शुरुआत में प्यूरी यानि की सेमी लिक्विड फूड देना पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि आपके बच्चे को खाने को चबाने में दिक्कत होगी। इसके लिए सबसे सही विल्कप हरी सब्जियां, लीन मीट, मछली, नट्स, ग्रेंस और फल है।

4-6 महीने के बच्चे के लिए होममेड बेबी फूड

आपको अपने बच्चे को सॉलिड फूड पर शिफ्ट करने पर कुछ बातों का ध्यान रखें। होममेड बेबी फूड हमेशा पतला और खाने में आसान होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि छोटे बच्चों को खाने का बड़ा टुकड़ा निगलने में परेशानी होती है और प्यूरी फॉर्म में बेबीफूड बच्चों के खाने को आसान बनाता है। बच्चों को दूध और फॉर्मूला पीने की आदत होती है ऐसे में बच्चे के लिए बेबी फूड का पतला होना जरूरी है।

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पीज(मटर) मैश

मटर बच्चों के लिए पोषण देने वाला होता है। मटर में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल अच्छी मात्रा में होते हैं।

इंग्रीडियेंट

कैसे बनाएं

मटर को तब तक उबालें, जब तक वह गल न जाए। उबले हुए मटर से पानी को निकाल दें। इसके बाद उबले हुए मटर को फ्रेश पानी के साथ मिलाएं और तब तक मिलाएं जब तक पेस्ट नहीं बनता।

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बनाना प्यूरी

केला बच्चे के डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए अच्छा होता है और इसमें पोटेशियम और फाइबर ज्यादा होता है।

इंग्रीडियेंट

  • आधा कप पका हुआ केला, छिलका उतरा और कटा हुआ
  • एक कप पानी

कैसे बनाएं

केला और पानी मिक्सर में डालें और मिलाएं। इसे तब तक मिलाएं जब तक एक पतला मिक्सचर तैयार न हो जाएं।

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होल ग्रेन प्यूरी

बच्चों को इस उम्र में अनाज देना अच्छा होता है। इससे बच्चों को विटामिन ए और आयरन मिलता है।

इंग्रीडियेंट

कैसे बनाएं

दोनों इंग्रीडियेंट को मिक्सर ब्लैंडर में डालें और तब तक घुमाएं जब तक पेस्ट न बन जाए।

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मैश्ड स्वीट पोटैटो

आलू के अलावा शकरकंद में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ए और कई मिनरल भी होते हैं।

इंग्रीडियेंट

  • आधा कप शकरकंद, छिलका और कटा हुआ
  • आधा कप पानी

कैसे बनाना है

शकरकंद को अच्छे से पकने तक उबालें। उन्हें एक ब्लेंडर में पानी के साथ मिलाएं जब तक कि प्यूरी न बन जाए। इस रेसिपी में पानी की जगह ब्रेस्ट मिल्क का उपयोग भी किया जा सकता है।

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7- 9 ​​महीने के बच्चे के लिए होममेड बेबी फूड

इस उम्र में आप दो सामग्रियों से भोजन बनाना शुरू कर सकते हैं, क्योंकि आपका शिशु अधिक खाद्य पदार्थों को पचाने और नए स्वाद चखने के लिए तैयार हो जाता है। आप अपने बच्चे को होममेड बेबी फूड की वैरायटी दे सकते हैं। आप अपने बच्चे को थोड़ी थीक प्यूरी भी देना शुरू कर सकते हैं।

साबूदाना कद्दू मैश

इन दोनों तत्वों में विटामिन और मिनरल से लेकर प्रोटीन और हेल्दी फैट तक महत्वपूर्ण पोषक तत्व शामिल हैं।

सामग्री

कैसे बनाना है

कद्दू और साबूदाना को अलग से पकाएं। एक मिक्सर में पानी के साथ उन्हें मिलाएं और तब तक मिलाएं जब तक प्यूरी न बन जाएं।

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केला एवोकैडो प्यूरी

यह 8 महीने के शिशुओं के लिए एक होममेड बेबी फूड रेसिपी है। केले और एवोकैडो मलाईदार, पचाने में आसान और स्वस्थ पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।

सामग्री

  • आधा कप केला, छिला और कटा हुआ
  • आधा कप एवोकैडो, छिला और कटा हुआ
  • एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर
  • आधा कप पानी

कैसे बनाना है

एक चिकना पेस्ट बनने तक इंग्रीडियेंट को ब्लैंड करें। पेस्ट को भूरा होने से रोकने के लिए एप्पल साइडर विनेगर मिलाया जा सकता है।

इस तरह से अलग-अलग होममेड बेबी फूड बनाए जाते हैं, जो आपके बच्चे को केमिकल फ्री हेल्दी खाना दे सकता है। बच्चे को होममेड बेबी फूड देने के बहुत से फायदे हैं और यह आपके बच्चे को अंदर से स्ट्रॉन्ग बनाता है।

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