home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

Betony: बेटनी क्या है?

परिचय|उपयोग|सावधानी और चेतावनी|साइड इफेक्ट्स|डोज
Betony: बेटनी क्या है?

परिचय

बेटनी (betony) क्या होता है?

बेटनी पुदीने के परिवार (Mint Family ) से संबंधित हर्ब है। यह पूरे पश्चिमी और दक्षिणी यूरोप में व्यापक रूप से पाया जाता है। इस जड़ी-बूटी के गुलाबी, सफेद और पर्पल रंग के फूल होते हैं जो जून से लेकर सितम्बर तक खिलते हैं। यह पौधा जमीन के ऊपर उगता है और इसका सूखा कर दवाई बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। बेटनी का प्रयोग पाचन की समस्या के साथ-साथ हार्टबर्न, डायरिया, गैस, सांस की समस्या, अस्थमा आदि के लिए किया जाता है। कई अन्य समस्याओं में भी इस हर्ब का प्रयोग किया जाता है। बेटनी का प्रयोग अन्य हर्ब्स के साथ मिला कर नसों के दर्द और तनाव आदि के उपचार के लिए भी किया जाता है। इस हर्ब को वुड बेटनी, पर्पल बेटनी, बिशप’स वोर्ट आदि के नाम से जाना जाता है।

उपयोग

बेटनी किस लिए इस्तेमाल किया जाता है?

बेटनी का इस्तेमाल निम्नलिखित स्थितियों में किया जा सकता है। हालांकि, इस जड़ी-बूटी की
प्रभावशीलता का इन स्थितियों में अधिक प्रभावशाली होने के प्रमाण मौजूद नहीं हैं। यह स्थितियां इस प्रकार हैं:

  • ब्रोंकाइटिस
  • दमा
  • तनाव
  • मिर्गी
  • हार्टबर्न
  • नसों में दर्द
  • गठिया
  • मूत्राशय या गुर्दे की पथरी
  • मूत्राशय में दर्द और सूजन
  • सिरदर्द
  • चेहरे का दर्द
  • दस्त
  • अन्य स्थितियां

और पढ़ें- तोरई के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Turai (Zucchini)

कैसे काम करता है बेटनी ?

ऐसा माना जाता है कि बेटनी ब्लड प्रेशर को कम कर सकता है, और इसके साथ ही यह हर्ब सिरदर्द और तनाव को दूर करने का काम भी करती है। एक्सपेरिमेंटल और क्लीनिकल अध्ययन के अनुसार बेटनी का कई पारंपरिक उपयोगों में प्रभाव सीमित है। इसके एंटीऑक्सिडेंट, रोगाणुरोधी और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों का अध्ययन केवल जानवरों आदि पर ही किया गया है।

बेटनी को कैसे स्टोर किया जाए?

बेटनी का उपयोग आमतौर पर चाय आदि के लिए किया जाता है। इस जड़ी-बूटी को स्टोर करने के लिए पहले पूरे पौधे को तने से काटा जाता है और इस के बाद कहीं सुखाने के लिए डाल दिया जाता है। इसके पत्तों को सही स्थिति में रखने के लिए इस पौधे को काटकर ब्राउन पेपर बैग में डाल कर पूरे बैग को किसी साफ़ और सुरक्षित जगह पर लटका दें। बेटनी का पौधा जब सुख जाता है तो तने के सबसे सख्त भाग को तोड़ दें और बाकी के हिस्से को फिर से स्टोर कर लें। इसे सुखी, ठंडी और अंधेरी जगह पर स्टोर कर के रखें। इसे आप रंगीन या क्लियर जार में भी स्टोर कर सकते हैं।

सावधानी और चेतावनी

कितना सुरक्षित है बेटनी का उपयोग?

  • बेटनी का सेवन करना कितना सुरक्षित है इसके बारे में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे लेने से पहले अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट या हर्बलिस्ट से सलाह अवश्य लें।
  • अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं, उस स्थिति में आपको इस हर्ब का सेवन नहीं करना चाहिए। इस स्थिति में केवल उन्ही दवाईयों का सेवन करें जिनकी सलाह डॉक्टर दें। सुरक्षित रहने के लिए इस हर्ब या किसी भी दवाई का सेवन करने से बचे।
  • इस हर्ब का सेवन करने से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है। इसका सेवन करना उन लोगों के लिए बेहद हानिकारक है जो लोग पहले से ही कम ब्लड प्रेशर की समस्या से गुजर रहे हैं। ऐसे लोगों को इस हर्ब का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • बेटनी ब्लड प्रेशर को प्रभावित करता है। इसलिए, सर्जरी के बाद यह हर्ब मरीज के ब्लड प्रेशर पर प्रभाव डाल सकती है। अगर रोगी की कोई सर्जरी होनी है तो कम से कम दो हफ्ते तक इस हर्ब का सेवन करने से बचे।

और पढ़ें : एलोवेरा के फायदे: सिर्फ त्वचा में निखार ही नहीं इसके हैं अन्य फायदे

साइड इफेक्ट्स

बेटनी से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

बेटनी के साइड इफेक्ट्स के बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। हालांकि ऐसा माना जाता है कि इसे लेने से पेट की समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि इस जड़ी-बूटी से हर रोगी को यह परेशानियां नहीं होती लेकिन कुछ लोग इस समस्या का सामना कर सकते हैं। इसलिए किसी भी स्थिति में डॉक्टर की सलाह के बिना इस जड़ी-बूटी को न लें।

इंटरेक्शन्स

हाई ब्लड प्रेशर की दवाई बेटनी के साथ इंटरैक्ट कर के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। इस दवाई को बेटनी के साथ लेने से रोगी का ब्लड प्रेशर कम हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर वाली दवाईयां हैं: कैप्टोप्रिल (captopril ),वैल्सार्टन (valsartan), डिल्टिजेम (diltiazem) , एम्लोडिपाइन (Amlodipine), हाइड्रोक्लोरोथियाजाइड (hydrochlorothiazide), फ्युरोसेमाइड (furosemide), और अन्य।

डोज

बेटनी की सही खुराक क्या है?

बेटनी की सही डोज कई चीज़ों पर निर्भर करती है जैसे रोगी की उम्र, स्वास्थ्य, और कई अन्य स्थितियां।
अभी कोई वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, जिससे यह पता चल सके कि बेटनी को लेने की सही डोज क्या है। ऐसा आवश्यक नहीं है कि प्राकृतिक चीज़ें हमेशा सुरक्षित हों, इसलिए इस बात का ध्यान रखें। इसके साथ ही इसकी कितनी डोज लेनी है, यह बात भी बहुत आवश्यक है। किसी भी दवाई या जड़ी-बूटी का प्रयोग करने से पहले उत्पाद के लेबल पर लिखे निर्देशों का पालन करें और इसका प्रयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें।

बेटनी की डोज के क्लीनिकल सबूत मौजूद नहीं है लेकिन पारम्परिक निर्देशों के अनुसार इस हर्ब के एक या दो ग्राम रोजाना तीन विभाजित डोज में लेने चाहिए। यह हर्ब वुड बेटनी के नाम से भी जानी जाती है जिसकी चाय भी रोगी ले सकता है। 100 मिलीलीटर पानी में पांच ग्राम वुड बेटनी चाय को रोजाना दिन में तीन बार तीन महीनों तक लेने से पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम वाली महिलाओं में मेड्रोक्सीप्रोजेस्टेरोन के रूप में असरदार सिद्ध होती है।

उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है बेटनी?

यह निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है। जैसे:

  • पाउडर
  • कैप्सूल

अगर आप बेटनी से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

संबंधित लेख:

ब्रेस्ट में जमे हुए दूध को ठीक करने के लिए 5 प्राकृतिक उपाय

निकल गई है ड्यू डेट, अपना सकते हैं ये प्राकृतिक उपाय

प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने के लिए 4 प्राकृतिक तरीके

पेट की समस्या से बचने के प्राकृतिक और घरेलू उपाय

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
Anu sharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 04/06/2020 को
डॉ. पूजा दाफळ के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
x