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Glyconutrients: ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स क्या है?

Glyconutrients: ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स क्या है?
परिचय|उपयोग|सावधानियां और चेतावनी|साइड इफेक्ट्स|रिएक्शन|डोसेज

परिचय

ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स (Glyconutrients) क्या है?

ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स एक पौधा है, जो शुगर चेन से जुड़ा हुआ है। इसमें मौजूद शुगर को बॉडी सिंपल शुगर में तोड़ देती है। ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स वाले पौधों में आमतौर पर एलोए (aloe) और लार्च आराबिनोगालेक्टन (larch arabinogalactan) का इस्तेमाल होता है। इन शुगर का इस्तेमाल दवाइयां बनाने में होता है। इसका इस्तेमाल शराब की लत छुड़ाने, एलर्जी दूर करने, अल्जाइमर रोग, एमायट्रॉफिक लैटरल स्लॉरोसिस (amyotrophic lateral sclerosis – (ALS), अस्थमा, एथेरोस्क्लेरोसिस, एथलेटिक प्रदर्शन बढ़ाने के लिए, ADHD, ऑटिज्म, कैंसर के उपाचर, सामान्य सर्दी, क्रोहन रोग, सिस्टिक फाइब्रोसिस, अवसाद, डाउन सिंड्रोम, डिस्लेक्सिया, फाइब्रोमायल्गिया, शिशुओं में विकास की समस्याएं, एचआईवी/एड्स, प्रजनन समस्याएं और फ्लू जैसी समस्याओं के उपचार के लिए किया जाता है।

हाालंकि, इसके अत्यधिक सेवन के कारण मांसपेशियों को नुकसान हो सकती है। जिसके कारण मांसपेशियों का कमजोरी होना, हमेशा थकावट महसूस करना, पार्किंसंस रोग, गठिया और स्ट्रोक के जोखिम बढ़ सकते हैं। लेकिन, इसके साथ ही इसका इस्तेमाल मुंह के घावों, बुखार, छालें और दांत से जुड़ी समस्याओं के लिए सफल उपचार में कारगार हो सकती है।

उपयोग

ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स (Glyconutrients) का इस्तेमाल किस लिए होता है?

ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स का इस्तेमाल निम्नलिखित समस्याओं में होता है:

  • शराब पीने की लत्त
  • एलर्जी
  • अल्जाइमर
  • नर्वस सिस्टम की बीमारी (Amyotrophic Lateral Sclerosis), जो मांसपेशियों को कमजोर करती है।
  • अस्थमा
  • आर्ट्रीज के अंदर प्लाक का बनाना
  • एथेलेटिक परफोर्मेंस
  • ध्यान केंद्रित न कर पाने की समस्या
  • सामान्य सर्दी
  • क्रोहन की बीमारी
  • सिस्टिक फाइब्रॉसिस (Cystic Fibrosis)
  • डिप्रेशन
  • डाउन सिंड्रोम
  • मानसिक विकार (Dyslexia), जिससे पढ़ने-लिखने में परेशानी हो।
  • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द की समस्या (Fibromyalgia)
  • नवजात शिशुओं की ग्रोथ की समस्या
  • हेपेटाइटिस
  • एचआईवी/ एड्स
  • मूवमेंट और इमोशन्स की एक समस्या (Huntington’s Disease), जिसमें इन पर नियंत्रण नहीं होता है।
  • फर्टिलिटी की दिक्कत
  • फ्लू
  • चेहरे पर तितलीनुमा लालिमा पड़ना (Lupus)
  • दृष्टि में कमी आना
  • नर्वस सिस्टम की कई बीमारियां, जिसमें मसल्स लॉस होता है।
  • नर्व की समस्या, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी और थकावट आती है।
  • पार्किंसन बीमारी
  • अर्थराइटिस
  • स्ट्रोक
  • दिमाग और स्पाइन कॉर्ड की कोशिकाओं को क्षति पहुंचना (Tay-Sachs Disease)।
  • बचपन से ही मुंह का टेढ़ा होने की एक समस्या (Tourette’s Syndrome)। इसमें छालों (कैंसर के छाले) के लिए इस औषधि का सेवन करते हैं।
  • बुखार ब्लिस्टर्स
  • दांत की बीमारियों में इसे त्वचा पर लगाया जाता है।

ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स (Glyconutrients) कैसे कार्य करता है?

इसके कार्य करने के संबंध में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नही है। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें। हालांकि कुछ ऐसे शोध हैं, जो बताते हैं कि ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स में ऐसे रसायन होते हैं, जो इम्यून सिस्टम पर स्टिमुलेशन का प्रभाव डालेत हैं, या कोलेन में मौजूद कुछ विशेष प्रकार के बैक्टीरिया की ग्रोथ को बढ़ाते हैं।

सावधानियां और चेतावनी

ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स (Glyconutrients) का इस्तेमाल करने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

निम्नलिखित परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें:

  • यदि आप प्रेग्नेंट या ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं। दोनों ही स्थितियों में सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही दवा खानी चाहिए।
  • यदि आप अन्य दवाइयां ले रही हैं। इसमें डॉक्टर की लिखी हुई और गैर लिखी हुई दवाइयां शामिल हैं, जो मार्केट में बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के खरीद के लिए उपलब्ध हैं।
  • यदि आपको ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स के किसी पदार्थ या अन्य दवा या औषधि से एलर्जी है।
  • यदि आपको कोई बीमारी, डिसऑर्डर या कोई अन्य मेडिकल कंडिशन है।
  • यदि आपको फूड, डाई, प्रिजर्वेटिव्स या जानवरों से अन्य प्रकार की एलर्जी है।

अन्य दवाइयों के मुकाबले औषधियों के संबंध में रेग्युलेटरी नियम अधिक सख्त नहीं हैं। इनकी सुरक्षा का आंकलन करने के लिए अतिरिक्त अध्ययनों की आवश्यकता है। ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स का इस्तेमाल करने से पहले इसके खतरों की तुलना इसके फायदों से जरूर की जानी चाहिए। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।

ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स (Glyconutrients) कितना सुरक्षित है?

सात हफ्तों तक प्रतिदिन ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स को 9 ग्राम की मात्रा में लेना संभवतः सुरक्षित है।

विशेष सावधानियां और चेतावनी

प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग: प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स का सेवन सुरक्षित है या नहीं, इस संबंध में विश्वसनीय सुबूत मौजूद नही हैं। सुरक्षा की दृष्टि से इसका सेवन करने से बचें।

ऑटो इम्यून डिजीज: दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड में कोशिकाओं का डैमेज होना, चेहरे पर तितलीनुमा लालिमा पड़ना, रयूमेटाइड अर्थराइटिस या अन्य समस्याएं में ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स इम्यून सिस्टम को और सक्रिय कर सकता है। इससे ऑटो इम्यून बीमारी के लक्षणों का बढ़ने का खतरा रहता है। यदि आपको ऑटो इम्यूनि डिजीज है, तो बेहतर होगा कि जब तक इसके बारे में अधिक जानकारी न मिल जाए, इसका सेवन न करें।

यह भी पढ़ें: क्यों होता है रीढ़ की हड्डी में दर्द, सोते समय किन बातों का रखें ख्याल

साइड इफेक्ट्स

ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स (Glyconutrients) से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

ग्लायोकोन्यूट्रिएंट्स से निम्नलिखित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं:

  • आंत में गैस
  • पेट फूलना
  • प्यास लगना

हालांकि, हर व्यक्ति को यह साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं। उपरोक्त दुष्प्रभाव के अलावा भी ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स के कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जिन्हें ऊपर सूचीबद्ध नहीं किया गया है। यदि आप इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर चिंतित हैं, तो अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें।

रिएक्शन

ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स (Glyconutrients) से मुझे क्या रिएक्शन हो सकते हैं?

यह औषधि आपकी मौजूदा दवाइयों और मेडिकल कंडिशन के साथ रिएक्शन कर सकती है। इसका इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह अवश्य लें।

ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स को कैसे स्टोर किया जाता है?

ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स को हमेशा कमरे के तापमान पर ही स्टोर करना चाहिए। इसे कभी भी सूर्य की रोशनी या नमी वाली जगह में स्टोर नहीं करना चाहिए। न ही, इसे बाथरूम या फ्रीज में स्टोर न करें। ध्यान रखें कि, इस औषधि का इस्तेमाल तभी तक करना चाहिए, जब तक यह डॉक्टर द्वारा निर्देश किया गया हो। औषधि का इस्तेमाल न होने पर इसका इस्तेमाल न करें। अगर यह एक्सपायर हो गया हो, तो इसका सेवन करना तुंरत बंद कर दें। इस्तेमाल न होने पर इस औधषि को कभी भी सीधे कूड़ेदान में न फेंके और न ही इसे किसी खुली नाली या टॉयलेट में फ्लश करें। इससे पर्यावरण को नुकसान हो सकता है। इसके सुरक्षित और उचित निपटारे के लिए इसके पैक पर दिए गए दिशा निर्देशों को पढ़ें और अपने डॉक्टर से इस बारे में उचित सलाह लें।

डोसेज

उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं हो सकती। इसका इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें।

ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स (Glyconutrients) की सामान्य डोज क्या है?

हर मरीज के मामले में ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स की डोज अलग हो सकती है। जो डोज आप ले रहे हैं वो आपकी उम्र, हेल्थ और दूसरे अन्य कारकों पर निर्भर करता है। औषधियां हमेशा ही सुरक्षित नही होती हैं। ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स के उपयुक्त डोज के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।

ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स (Glyconutrients) किन रूपों में आता है?

ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध हो सकता है:

  • अन्य औषधियों के साथ ग्लायकोन्यूट्रिएंट्स का शुद्ध अर्क (एक्सट्रैक्ट)
  • कैप्सूल

हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या इलाज मुहैया नहीं कराता।

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हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Glyconutrients. https://www.webmd.com/vitamins/ai/ingredientmono-1506/glyconutrients. Accessed on 8 January, 2020.

Glyconutrients. https://www.rxlist.com/glyconutrients/supplements.htm. Accessed on 8 January, 2020.

Glyconutrients: The State of the Science and the Impact of Glycomics. https://www.sciencedirect.com/science/article/abs/pii/S1550830706004162. Accessed on 8 January, 2020.

Glyconutrients: the state of the science and the impact of glycomics. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/17113489. Accessed on 8 January, 2020.

By the way, doctor: Should I supplement my diet with Ambrotose?. https://www.health.harvard.edu/newsletter_article/By_the_way_doctor_Should_I_supplement_my_diet_with_Ambrotose. Accessed on 8 January, 2020.

लेखक की तस्वीर
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Sunil Kumar द्वारा लिखित
अपडेटेड 19/11/2019
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