Greater celandine: ग्रेटर सैलंडीन क्या है?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट July 10, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

परिचय

ग्रेटर सैलंडीन (Greater celandine) क्या है?

ग्रेटर सैलंडीन एक पौधा है। इसके जमीन से ऊपर के हिस्से को सुखाकर और इसकी जड़ का प्रयोग दवाओं में किया जाता है। इसका वानस्पातिक नाम Chelidonium majus है। ये Papaveraceae परिवार से ताल्लुख रखता है। चीन में इसका इस्तेमाल सालों से कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जा रहा है। ये अस्थमा से लेकर एथिरोक्लोरोसिस के इलाज के लिए उपयोगी माना जाता है। हालांकि, कुछ शोध बताते हैं कि ये लिवर पर बुरा असर डाल सकता है।

ग्रेटर सैलंडीन (Greater celandine) का उपयोग किसलिए किया जाता है?

ग्रेटर सैलंडीन का इस्तेमाल निम्नलिखित परेशानियों के लिए किया जाता है:

कैंसर (Cancer):

ह्यूमन कैंसर सेल्स पर किए गए एक शोध के अनुसार, वैज्ञानिकों ने पाया कि ग्रेटर सैलंडीन कैंसर से लड़ने में कारगर है। ये कैंसर सेल्स की ग्रोथ को रोकता है। 2006 में बीएमसी कैंसर में छपे एक शोध के अनुसार, इसमें एंटी-कैंसर गुण पाए जाते हैं।

एक्जिमा (Eczema):

प्रारंभित शोध के अनुसार, ग्रेटर सैलंडीन एटोपिक डर्मेटाइटिस से निजात दिलाता है। जर्नल ऑफ एथनोफार्माकोलॉजी में छपी एक स्टडी के अनुसार, शोधकर्ताओं ने एटोपिक डर्मेटाइटिस से ग्रसित चूहों पर ग्रेटर सैलंडीन के प्रभावों का परीक्षण किया। इसमें उन्होंने पाया कि इन चूहों में एक्जिमा के लक्षण जैसे खुजली और सूजन काफी हद तक कम हो गए हैं।

डायजेस्टिव ट्रैक्ट संबंधित परेशानियां (Digestive Tract Related Problems):

ग्रेटर सैलंडीन डायजेस्टिव ट्रैक्ट संबंधित परेशानियां जैसे पेट खराब, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, कब्ज, भूख न लगना, पेट में कैंसर, लिवर और गॉलब्लेडर डिसऑर्डर के इलाज के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा ये डिटॉक्सिफाई, पीरियड्स में होने वाले दर्द, कफ, छाती में दर्द, धमनियों का अकड़ना, हाई ब्लड प्रेशर, अस्थमा और ओस्टियोअर्थराइटिस के इलाज में भी उपयोगी है।

इन परेशानियों में भी मददगार:

  • ग्रेटर सैलंडीन को मस्सा, जननांग में मस्सा, चकत्ते और स्केबीज के लिए सीधे स्किन पर लगाना फायदेमंद होता है।
  • इसके साथ ही इसे दांत दर्द से राहत और दांत निकालने में आसानी होती है। दांत दर्द के लिए इसे कच्चा चबाने की सलाह दी जाती है।

कैसे काम करता है ग्रेटर सैलंडीन (Greater celandine)?

इस बारे में कोई वैज्ञानिक जानकारी नहीं है कि ग्रेटर सैलंडीन कैसे काम करता है। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से कंसल्ट करें। हालांकि कुछ शोध बताते हैं कि इसमें कुछ ऐसे केमिकल्स होते हैं जो कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकते हैं, लेकिन इसके साथ ही ये नॉर्मल सेल्स पर भी बुरा असर कर सकते हैं। प्रारंभिक शोध से पता चलता है कि ग्रेटर सैलंडीन पित्त के प्रवाह को बढ़ा सकता है। इसके अलावा इसमें कुछ दर्द निवारक गुण भी होते हैं।

और पढ़ें: Moringa: सहजन क्या है?

हैलो स्वास्थ्य का न्यूजलेटर प्राप्त करें

मधुमेह, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, कैंसर और भी बहुत कुछ...
सब्सक्राइब' पर क्लिक करके मैं सभी नियमों व शर्तों तथा गोपनीयता नीति को स्वीकार करता/करती हूं। मैं हैलो स्वास्थ्य से भविष्य में मिलने वाले ईमेल को भी स्वीकार करता/करती हूं और जानता/जानती हूं कि मैं हैलो स्वास्थ्य के सब्सक्रिप्शन को किसी भी समय बंद कर सकता/सकती हूं।

सावधानियां और चेतावनी

ग्रेटर सैलंडीन (Greater celandine) के उपयोग से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

निम्नलिखित परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बालिस्ट से सलाह लें:

  • यदि आप प्रेग्नेंट या ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं। दोनों ही स्थितियों में सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही दवा खानी चाहिए।
  • यदि आप अन्य दवाइयां ले रही हैं। इसमें डॉक्टर की लिखी हुई और गैर लिखी हुई दवाइयां शामिल हैं, जो मार्केट में बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के खरीद के लिए उपलब्ध हैं।
  • यदि आपको ग्रेटर सैलंडीन के किसी पदार्थ या अन्य दवा या औषधि से एलर्जी है।
  • यदि आपको कोई बीमारी, डिसऑर्डर या कोई अन्य मेडिकल कंडिशन है। दिल संबंधित परेशानियों से ग्रसित लोगों को इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • यदि आपको फूड, डाई, प्रिजर्वेटिव्स या जानवरों से अन्य प्रकार की एलर्जी है।

अन्य दवाइयों के मुकाबले औषधियों के संबंध में रेग्युलेटरी नियम अधिक सख्त नही हैं। इनकी सुरक्षा का आंकलन करने के लिए अतिरिक्त अध्ययनों की आवश्यकता है। ग्रेटर सैलंडीन का इस्तेमाल करने से पहले इसके खतरों की तुलना इसके फायदों से जरूर की जानी चाहिए। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।

कितना सुरक्षित है ग्रेटर सैलंडीन (Greater celandine) का उपयोग?

ग्रेटर सैलंडीन को डॉक्टर की सलाह के बिना न लें। ये आपके लिए खतरनाक भी साबित हो सकता है।

ये लोग बरतें खास सावधानी:

ऑटो इम्यून संबंधित परेशानियां जैसे मल्टीपल स्केलेरोसिस (एमएस), लूपस, रयूमेटायड अर्थराइटिस: ग्रेटर सैलंडीन इम्यून सिस्टम को अत्यधिक एक्टिव बना सकता है। ये ऑटो इम्यून संबंधित परेशानियों के लक्षण को पहले से अधिक कर सकता है। अगर आपको इनमें से कोई भी परेशानी है तो इसका प्रयोग करने से बचें।

पित्त नली में रुकावट: ग्रेटर सैलंडीन एक्सट्रेक्ट पित्त नली में रुकावट को पहले से अधिक कर सकता है।

लिवर संबंधित परेशानियां: अगर आपको लिवर संबंधित परेशानियां है तो इसका उपयोग भूलकर भी न करें।

और पढ़ें:  Jambolan: जामुन क्या है?

साइड इफेक्ट्स

ग्रेटर सैलंडीन (Greater celandine) से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

ग्रेटर सैलंडीन से लिवर संबंधित सीरियस परेशानी भी हो सकती है। स्किन पर इसे अधिक मात्रा में लगाने से स्किन रैशेज और एलर्जी हो सकती है। यह चक्कर आना, थकान और बुखार को भी ट्रिगर कर सकता है। इसका प्रयोग दिल पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। इसके उपयोग से वेंट्रीकुलर एरदिमियास भी हो सकता है। यह लिवर की हेल्थ को भी प्रभावित कर सकती है। इसिलए इसका उपयोग संभलकर करें।

हालांकि, हर किसी को ये साइड इफेक्ट हो ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ ऐसे भी साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट महसूस हो या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं तो नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

और पढ़ें: Mace: जावित्री क्या है?

डोसेज

ग्रेटर सैलंडीन (Greater celandine) को लेने की सही खुराक क्या है?

पेट खराब होने पर: ग्रेटर सैलंडीन को पुदीने का पत्ता, जर्मन कैमोमाइल (German chamomile ), कैरावे (caraway), लीकोराइस (licorice ), क्लाउन मस्टर्ड प्लांट (clown’s mustard plant), लेमन बाम (lemon balm), एंजलिका(angelica), और मिल्क थिस्ल (milk thistle) को मिलाकर चार हफ्तों तक एक मिली लीटर लें।

यहां दी हुई जानकारियों का इस्तेमाल डॉक्टरी सलाह के विकल्प के रूप में ना करें। इसकी खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

और पढ़ें: Java Tea: जावा टी क्या है?

उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है ग्रेटर सैलंडीन (Greater celandine)?

ग्रेटर सैलंडीन निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है:

  • रॉ ग्रेटर सैलंडीन (Raw Greater celandine)
  • ग्रेटर सैलंडीन लिक्विड एक्सट्रेक्ट (Greater celandine liquid extract)
  • ग्रेटर सैलंडीन टिंचर (Greater celandine tincture)

हमें उम्मीद है कि ग्रेटर सैलंडीन हर्ब पर आधारित यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। अगर इस बारे में किसी भी प्रकार की अन्य जानकारी चाहते हैं तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। इस हर्ब का उपयोग बिना किसी डॉक्टर की सलाह के न करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

Was this article helpful for you ?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

क्यों प्लेसेंटा और प्लेसेंटा जीन्स को समझना है जरूरी?

प्लेसेंटा जीन्स का क्या पड़ता है बेबी बॉय या बेबी गर्ल पर असर? जन्म लेने वाले बेबी गर्ल या बेबी बॉय में कौन होता है ज्यादा स्ट्रॉन्ग?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha

डायट एंड इटिंग प्लान- ए-जेड : वेट लॉस और वेट मैनेजमेंट की पूरी जानकारी

मशहुर डायट एंड इटिंग प्लान- ए-जेड के बारे में जानना चाहते हैं तो इसे पढ़े। डायट एंड वेट मैनेजमेंट करना चाहते हैं? Diet and Eating Plan A-Z in Hindi.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Mousumi dutta

ब्रिटल डायबिटीज (Brittle Diabetes) क्या होता है, जानिए क्या रखनी चाहिए सावधानी ?

ब्रिटल डायबिटीज की समस्या होने पर ब्लड में ग्लूकोज के लेवल में स्विंग यानी बदलाव आने शुरू हो जाते हैं। ब्रिटल डायबिटीज की समस्या रेयर होती है, लेकिन इससे सावधानी जरूरी है। Brittle diabetes से कैसे बचें?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi

प्रेग्नेंसी के दौरान अल्फा फिटोप्रोटीन टेस्ट(अल्फा भ्रूणप्रोटीन परीक्षण) करने की जरूरत क्यों होती है?

अल्फा भ्रूणप्रोटीन परीक्षण करना क्यों है जरूरी? जानिए अल्फा फिटोप्रोटीन टेस्ट अगर पोजिटिव आए तो क्या है निदान। Alpha fetoprotein test in Hindi.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Mousumi dutta

Recommended for you

50 के बाद सेक्स लाइफ को रोमांचक कैसे बनाएं

50 के बाद सेक्स लाइफ को रोमांचक कैसे बनाएं?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Manjari Khare
प्रकाशित हुआ October 26, 2020 . 7 मिनट में पढ़ें
fasting tips for diabetes patient-डायबिटीज के मरीजों के लिए उपवास

फास्टिंग के दौरान डायबिटीज के मरीज रखें इन बातों का रखें ध्यान

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Kanchan Singh
प्रकाशित हुआ August 13, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
डायबिटिक न्यूरोपैथी

जानें क्या है डायबिटिक न्यूरोपैथी, आखिर क्यों होती है यह बीमारी?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish singh
प्रकाशित हुआ July 9, 2020 . 8 मिनट में पढ़ें
हाई ट्राइग्लिसराइड्स- High Triglycerides

High Triglycerides : हाई ट्राइग्लिसराइड्स क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Ankita mishra
प्रकाशित हुआ June 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें