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Labrador Tea: लैब्राडोर टी क्या है?

Labrador Tea: लैब्राडोर टी क्या है?
परिचय|उपयोग|सावधानी और चेतावनी|साइड इफेक्ट्स|इंटरेक्शन्स|डोसेज

परिचय

लैब्राडोर टी (Labrador tea) क्या है?

लैब्राडोर टी एक पौधा है। इसके पत्तों और फूलों की टहनियों से दवाइयां बनाई जाती हैं। लोग इस पौधे का प्रयोग गले में खराश, छाती के जमने, खांसी, फेफड़ों में संक्रमण, और छाती की अन्य बीमारियों में करते हैं। यही नहीं, यह डायरिया, किडनी की समस्याओं, जोड़ों और मसल्स के दर्द, सिरदर्द और कैंसर में भी इसका प्रयोग किया जाता है।

लैब्राडोर टी को हुडसन’स बे टी (Hudson’s Bay tea), इंडियन टी, जेम्स टी, मार्श टी, मुसकेज टी और स्वाम्प टी जैसे अलग-अलग नाम से भी जानते हैं।

उपयोग

लैब्राडोर टी का इस्तेमाल किस लिए किया जाता है?

महिलाएं गर्भपात या महिलाओं में होने वाली समस्याओं (फीमेल डिसऑर्डर्स) को दूर करने के लिए भी इसका उपयोग करती हैं। कुछ लोग त्वचा की परेशानियों को दूर करने के लिए इस जड़ी-बूटी को अपने नहाने वाले पानी में डालते हैं या इसका प्रयोग अपनी त्वचा पर करते हैं। खाने में इस जड़ी-बूटी को एक पेय की तरह भी पिया जाता है और इसे बियर में डाल कर बियर को अधिक नशीली बनाया जाता है।

लैब्राडोर टी कैसे काम करती है?

यह हर्ब कैसे काम करती है इसके बारे में अधिक अध्ययन नहीं किये गया हैं। अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें। हालांकि, यह बात मानी जाती है कि खांसी दूर करने में यह लाभदायक है।

इस इंडियन टी से होने वाले फायदे क्या हैं?

इसके सेवन से निम्नलिखित शारीरिक फायदे हो सकते हैं। जैसे-

  • इस चाय के नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन से स्किन अच्छी होती है। दरअसल इसमें मौजूद एस्ट्रिंजेंट और एंटीऑक्सिडेंट त्वचा पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। जिससे त्वचा निखरी हुई नजर आती है
  • इस टी में मौजूद विटामिन-सी इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग करने के साथ-साथ व्हाइट ब्लड सेल्स का निर्माण भी करते हैं। यही नहीं इसमें मौजूद विटामिन-सी स्ट्रेस, सूजन और क्रोनिक डिजीज से भी बचाता है।
  • यह चाय कैंसर के रोकथाम से भी सहायक हो सकती है। हालांकि इससे जुड़े रिसर्च अभी भी जारी है। अभी तक हुए शोध के अनुसार एंटीऑक्सिडेंट की मौजूगी कैंसर के खतरे को कम कर सकती है।
  • किडनी डिसऑर्डर से बचने में भी यह चाय काफी सहायक है। इस चाय के सेवन से किडनी स्टोन और किडनी में हुए सूजन की समस्या को कम करने में सहायक होता है।
  • इस चाय के सेवन से कब्ज की समस्या, पेट में क्रैम्प की परेशानी, सिरदर्द, कफ, फ्लू, इनडायजेशन और इंफेक्शन की पेशानी से भी बचाने में मददगार है।

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सावधानी और चेतावनी

लैब्राडोर टी के प्रयोग से पहले मुझे क्या जानकारी होनी चाहिए?

अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट या औषधि विशेषज्ञ से संपर्क करें, अगर:

  • आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं, क्योंकि जब आप गर्भवती होती हैं या शिशु को दूध पिलाती हैं तो आपको केवल उन्ही दवाइयों का सेवन करना चाहिए जिनकी सलाह डॉक्टर ने दी हो।
  • आप कोई और दवाई ले रहे हों। इसमें वो दवाईयां भी शामिल हैं, जिन्हें आप डॉक्टर की सलाह के बिना भी खरीद सकते हैं।
  • आपको लैब्राडोर टी में मौजूद किसी चीज या अन्य किसी दवाई या औषधि से एलर्जी हो।
  • आपको कोई और बीमारी या विकार हो।
  • आपको किसी चीज से एलर्जी हो जैसे भोजन, डाई, प्रिजरवेटिव या जानवरों से।

एक जड़ी-बूटी के नियम दवाई के मुकाबले कम सख्त होते हैं। हालांकि, इनकी सुरक्षा को लेकर अधिक अध्ययन करने की आवश्यकता है। इस हर्ब का उपयोग करने से पहले इसके जोखिमों को जान लें। अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या चिकित्सक से पूछें।

लैब्राडोर टी का उपयोग करना कितना सुरक्षित है?

अगर आप इस हर्ब का उपयोग चाय के रूप में और कम मात्रा में कर रहे हैं तो यह सुरक्षित हो सकती है। लेकिन, अगर आप इसका उपयोग कंसन्ट्रेटेड लिक्विड के रूप में या अधिक मात्रा में कर रहे हैं तो यह असुरक्षित है। अगर आपने अधिक मात्रा में इसका सेवन कर लिया है तो तुरंत डॉक्टरी मदद लें।

खास सावधानियां और चेतावनियां

प्रेग्नेंसी और ब्रेस्ट फीडिंग: लैब्राडोर टी को गर्भावस्था में लेना पूरी तरह से असुरक्षित है, इसके सेवन से गर्भपात भी हो सकता है। स्तनपान के दौरान भी इसे लेने से बचे हालांकि, इसे लेने से शिशु पर क्या प्रभाव पड़ सकता है इसके बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

साइड इफेक्ट्स

लैब्राडोर टी से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

लैब्राडोर टी से उल्टी आना, पेट और आंतों में सूजन (आंत्रशोथ), डायरिया, डेलीरियम, ऐंठन, लकवा आदि के अलावा मृत्यु भी हो सकती है। हालांकि, इनके अलावा भी इसके कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं। अगर आप इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर चिंतित हैं, तो कृपया अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से संपर्क करें।

निम्नलिखित बातों पर भी ध्यान दें। जैसे-

  • सिरदर्द- अगर इस चाय के सेवन से सिरदर्द की परेशानी होती है, तो इसका सेवन तुरंत बंद कर दें।
  • गर्भवती महिला– गर्भवती महिलाओं को इस चाय का सेवन नहीं करना चाहिए। इसमें मौजूद नार्कोटिक एलिमेंट्स का शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। वैसे इस चाय का सेवन स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को भी नहीं करना चाहिए।

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इंटरेक्शन्स

लैब्राडोर टी का अन्य दवाइयों के साथ प्रयोग करने से क्या प्रभाव पड़ सकता है?

लैब्राडोर टी आपकी मौजूदा दवाई या मेडिकल स्थितियों पर प्रभाव ड़ाल सकती है। इसलिए, इसके प्रयोग से पहले अपने डॉक्टर या औषधि विशेषज्ञ से अवश्य पूछें।

डोसेज

ऊपर दी गई जानकारी मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं है। इसलिए, हमेशा इस दवा का उपयोग करने से पहले अपने हर्बलिस्ट या चिकित्सक से सलाह लें।

लैब्राडोर टी लेने की सही खुराक क्या है?

लैब्राडोर टी की खुराक हर रोगी के लिए अलग हो सकती है। इसकी सही खुराक कई चीज़ों पर निर्भर करती है जैसे प्रयोग करने वाले की उम्र, स्वास्थ्य या अन्य कई स्थितियां। हर्ब्स हमेशा सुरक्षित नहीं होती। इसलिए, इसकी सही खुराक जानने के लिए अपने फार्मासिस्ट या डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

लैब्राडोर टी किस रूप में मिलती है?

लैब्राडोर टी इस रूप में उपलब्ध होती है :

  • प्राकृतिक लैब्राडोर टी
  • लैब्राडोर टी के सूखे पत्ते व तरल रस
  • क्रीम

अगर आप लैब्राडोर टी से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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लेखक की तस्वीर
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Anu sharma द्वारा लिखित
अपडेटेड 06/11/2019
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