home

What are your concerns?

close
Inaccurate
Hard to understand
Other

लिंक कॉपी करें

Methoxylated flavones: मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस क्या है?

परिचय|उपयोग|साइड इफेक्ट्स|डोसेज|उपलब्ध
Methoxylated flavones: मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस क्या है?

परिचय

मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस (Methoxylated flavones) क्या है?

फ्लेवोनोइड पौधों में पाए जाने वाले पिगमेंट हैं। यह पौधों में पीले, लाल और नारंगी रंगों में से कई के लिए जिम्मेदार हैं। विभिन्न पौधों के स्रोतों से 4000 से अधिक विभिन्न फ्लेवोनोइड की पहचान की गई है। आम खाद्य स्रोतों में रेड वाइन, तना, फूल, फल, सब्जियां, नट, बीज, जड़ी-बूटियां, मसाले, कॉफी और चाय शामिल हैं। 1936 में फ्लेवोनोइड को साइंटिस्ट विटामिन का ही एक रूप मानते थे, लेकिन इसके कोई उचित सबूत नहीं मिले। फ्लेवोनोइड्स रासायनिक संरचना में मामूली अंतर के आधार पर समूहों में विभाजित हैं।

मैथोक्सिलेटेड फ्लेवोन उस समूह का एक उपखंड है। मेथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस खट्टे फलों में विशेष रूप से बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। रिसर्च में यह भी कहा गया है कि कोशिकाओं में सबसे छोटी रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए फ्लेवोनॉयड्स बेहद आवश्यक है, लेकिन विटामिन के रूप में फ्लेवोनोइड्स को वर्गीकृत करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे।

मेथोक्सिलेटेड फ्लेवोन को कभी-कभी पैरों में सर्कुलेशन ठीक तरह से नहीं होने पर (शिरापरक अपर्याप्तता (venous insufficiency), वैरिकोज नसें (varicose veins), हृदय रोग, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मोतियाबिंद, और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर इस दवा का सेवन ओरली करने की सलाह देते हैं, लेकिन इनमें से किसी भी उपयोग का समर्थन करने के लिए कोई अच्छा वैज्ञानिक शोध नहीं है।

विभिन्न प्लांट स्रोतों से 4000 से अधिक विभिन्न फ्लेवोनोइड की पहचान की गई है। आम खाद्य स्रोतों में रेड वाइन, तना, फूल, फल, सब्जियां, नट, बीज, जड़ी-बूटियां, मसाले, कॉफी और चाय शामिल हैं।

मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस (Methoxylated flavones) का उपयोग किसलिए किया जाता है?

मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस का उपयोग पैरों में खराब परिसंचरण (शिरापरक अपर्याप्तता), वैरिकाेज नसों, हृदय रोग, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मोतियाबिंद और कैंसर के इलाज लिए किया जाता है।

कैसे काम करता है मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस (Methoxylated flavones)?

यह निम्नलिखित तरीके से काम करता है। जैसे:-

  • मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट है और सूजन को कम कर सकता है। वे यकृत को कोलेस्ट्रॉल और अन्य रक्त वसा को संसाधित करने के तरीके को भी प्रभावित कर सकते हैं। यहां समझना बेहद जरूरी है कि एंटीऑक्सिडेंट क्या है? एंटीऑक्सिडेंट कई फलों, हरी सब्जियों और साबुत अनाज में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होता है। एंटीऑक्सीडेंटस में अलग-अलग तरह के विटामिन्स और मिनरल्स मौजूद होते हैं। ये सभी तत्व ऑक्साइडेशन से होने वाले नुकसान को निष्क्रिय कर हमारे शरीर की सुरक्षा करते हैं। इसलिए सेहत के लिए एंटीऑक्सिडेंट बेहद लाभकारी होते हैं।
  • वैज्ञानिकों को लगता है कि मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोन कैंसर कोशिकाओं के प्रसार को कम कर सकते हैं। इसलिए कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को दूर करने के लिए भी इसका सेवन किया जा सकता है, लेकिन इसके ठोस सबूत नहीं हैं और अभी भी इससे जुड़ी रिसर्च जारी है।

और पढ़ें: पीला कनेर के फायदे एवं नुकसान: Health Benefits of Yellow Kaner

उपयोग

कितना सुरक्षित है मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस (Methoxylated flavones) का उपयोग ?

आमतौर पर मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस का सेवन ज्यादातर सभी लोगों के लिए सुरक्षित है। मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस का इस्तेमाल करने से पहले आपको निम्नलिखित बातों के बारे में मालूम होना चाहिए।

· मेथोक्सिलेटेड फ्लेवोन आहार का एक सामान्य हिस्सा है। भोजन के हिस्से के रूप में सेवन करने पर यह सुरक्षित है। इसे अपने डेली डायट में बैलेंड्स मात्रा में लें। इसके उपयोग से पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट से जरूर कंसल्ट करें।

और पढ़ें: नागरमोथा के फायदे एवं नुकसान : Health Benefits of Nagarmotha

· अन्य दवाओं के साथ मेथोक्सिलेटेड फ्लेवोन लेने से ये खून के थक्के बना सकता है। साथ ही घाव से रक्तस्राव की संभावना को बढ़ा सकता है। इसलिए निम्नलिखित परेशानियों को दूर करने के लिए इसका सेवन किया जा सकता है। जैसे:

  • हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या (High cholestrol)
  • मोतियाबिंद (आंखों की परेशानी) (Eyes problem cataract)
  • कैंसर की बीमारी (Cancer)
  • वैरिकोज वेन्स (Varicose veins)
  • दिल की बीमारी (Heat related problems)

इन बीमारियों के इलाज के लिए इसका सेवन किया जा सकता है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार।

और पढ़ें: रामदाना के फायदे और नुकसान : Health Benefit of Ramdana

साइड इफेक्ट्स

मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं? (methoxylated flavonoids side effects)

मेथोक्सिलेटेड फ्लेवोन आहार का एक सामान्य हिस्सा है। नियमित रूप से और संतुलित मात्रा में इसका सेवन करना सुरक्षित माना जाता है, लेकिन अभी भी इससे जुड़े शोध जारी हैं कि क्या आम तौर पर भोजन में पाए जाने वाले से अधिक मात्रा में लेने या मेथोक्सिलेटेड फ्लेवोन युक्त सप्लिमेंट लेना सुरक्षित है।

  • इस तरह के किसी भी हर्बल को लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  • अगर आप पहले से कोई दवा ले रहे हैं तो भी मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस को लेने से बचें। या फिर बिना डॉक्टर से पूछे ना लें।
  • हालांकि ये खाने का हिस्सा हो सकता है, लेकिन कम मात्रा में लिया जाए तो अच्छा है या डोसेज की जानकारी हर्बल एक्सपर्ट से लें।
  • मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस धीमी गति से खून के थक्के बनाता है इसलिए सर्जरी के समय या बाद में इसका सेवन ना करें।

गर्भवती महिलाओं को भी इसका सेवन गर्भावस्था के दौरान नहीं करना चाहिए। इससे मां और शिशु दोनों को नुकसान पहुंच सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो जिस तरह से गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए ठीक वैसे ही इसका सेवन स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को भी नहीं करना चाहिए।

[mc4wp_form id=”183492″]

अगर कोई सर्जरी हुई तो ऐसी स्थिति में भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए। रिसर्च के अनुसार इसके सेवन से ब्लड क्लॉट होने में देरी हो सकती है और ब्लीडिंग ज्यादा हो सकती है। इसलिए अगर किसी सर्जरी से आप गुजरने वाले हैं तो इसका सेवन न करें।

डोसेज

मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस (methoxylated flavonoids) को लेने की सही खुराक क्या है?

· मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस के डोज हर मरीज के लिए अलग-अलग हो सकते हैं।

· इसके अलावा इसकी डोज आपकी उम्र और हेल्थ पर भी निर्भर करती है।

· मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से पूछ लें।

मिथोक्सिलटेड की डोसेज हर किसी के लिए अलग हो सकती है। इसकी खुराक उम्र, मेडिकल कंडिशन व अन्य कारकों के आधार पर निर्धारित की जाती है। इसकी खुराक के साथ-साथ निम्नलिखित बातों पर भी ध्यान दें। जैसे:

लिवर द्वारा परिवर्तित दवाएं (Cytochrome P450 1A2 (CYP1A2) सबस्ट्रेट्स) मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस के साथ परस्पर क्रिया करती हैं।

दवाएं जो ब्लड क्लॉट करने में मददगार होती हैं (एंटीकोआगुलेंट या एंटीप्लेटलेट ड्रग्स) मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस के साथ परस्पर क्रिया करती हैं।

इसलिए अगर आप किसी तरह की दवाओं का सेवन करते हैं, तो मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक हो जाता है। कभी भी इसकी खुराक स्वयं से निर्धारित करने की गलती न करें। आपके द्वारा की गई छोटी सी लापरवाही सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

और पढ़ें: गिलोय के फायदे एवं नुकसान: Health Benefits of Giloy

उपलब्ध

किन रूपों में मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस (methoxylated flavonoids) उपलब्ध है?

मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है:

  • कैप्सूल (Capsule)

फिलहाल तो मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस सिर्फ कैप्सूल के रूप में ही उपलब्ध है, लेकिन इसका सेवन बिना डॉक्टर के सलाह के नहीं करना चाहिए। अगर आप मिथोक्सिलेटेड फ्लेवोनस से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। उम्मीद करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। इस लेख से जुड़ा यदि आपका कोई प्रश्न है तो आप कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं। आपको हमारा यह लेख कैसा लगा यह भी आप हमें कमेंट कर बता सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Methoxylated flavones, a superior cancer chemopreventive flavonoid subclass?/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2024817/Accessed on 13/05/2020

Methoxylated flavones/https://www.osti.gov/etdeweb/servlets/purl/20004695/Accessed on 13/05/2020

Methoxylated flavones: occurrence, importance, biosynthesis/https://pubag.nal.usda.gov/catalog/5202194/Accessed on 13/05/2020

Protection against UV radiation induced skin damage by methoxylated flavonoids/https://www.sbir.gov/sbirsearch/detail/1326207/Accessed on 13/05/2020

Analysis of Fluorescence Spectra of Citrus Polymethoxylated Flavones and Their Incorporation into Mammalian Cells/https://pubs.acs.org/doi/full/10.1021/acs.jafc.8b02052?src=recsys/Accessed on 13/05/2020

लेखक की तस्वीर badge
Bhawana Sharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 28/08/2020 को
डॉ. पूजा दाफळ के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड