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Prickly-ash: प्रिकली एश क्या है?

उपयोग|सावधानियां और चेतावनी|साइड इफेक्ट्स|रिएक्शन|डोसेज
Prickly-ash: प्रिकली एश क्या है?

उपयोग

प्रिकली एश (Prickly-ash) का इस्तेमाल किसलिए होता है?

प्रिकली एश एक पौधा है। नॉर्दन प्रिकली एश और साउथर्न प्रिकली एश इसकी दो लोकप्रिय प्रजातियां हैं। प्रिकली एश की छाल का इस्तेमाल दवा बनाने में किया जाता है।

नॉर्दन प्रिकली एश का इस्तेमाल निम्नलिखित परिस्थितियों में किया जाता है:

  • पुराने दर्द में राहत के लिए
  • परजीवी इंफेक्शन से पेट में होने वाले दर्द में परजीवी को मारने और पेट दर्द में राहत पाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।
  • ब्लड सर्क्युलेशन से जुड़ी हुई परेशानी और इनके परिणाम से पैदा होने वाली समस्याएं जैसे पैर दर्द (intermittent claudication), रेयनॉड्स सिंड्रोम के उपचार में।
  • जोड़ों के दर्द, ऐंठन, स्लो ब्लड प्रेशर, बुखार, सूजन, दांतों का दर्द, खराश, अल्सर और कैंसर (होक्से इलाज के घटक के रूप में) के उपचार में।
  • प्रिकली एश की छाल को स्किन पर दर्द वाले हिस्से पर लगाया जाता है। वहीं, चीन की पारंपरिक औषधियों में प्रिकली एश को ‘मिडिल बर्नर’ (पेट, लिवर, आंत का हिस्सा) को गर्माहट देने में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसके साथ ही इसका इस्तेमाल बॉडी के मिडिल हिस्से में ऊर्जा भरने और प्रतिरक्षा प्रणाली को ताकतवर बनाने का कार्य करता है। साथ ही यह खाने को पचाने में भी मदद करता है।

यह भी पढ़ें- शिकाकाई के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Shikakai (Acacia Concinna)

साउथर्न प्रिकली एश का इस्तेमाल निम्नलिखित परिस्थितियों में होता है:

  • मासिक धर्म की ऐंठन में राहत पाने के लिए।
  • पैरों में खून के प्रवाह की समस्या (intermittent claudication) और उंगलियों में रेयनॉड्स सिंड्रोम का इलाज करने में।
  • जोड़ों के दर्द, दांत दर्द, खराश और अल्सर के इलाज में।
  • पसीना आने के कारणों का इलाज करने में।
  • टॉनिक या स्टिमुलेंट के रूप में इस्तेमाल।
  • कैंसर के इलाज में प्रिकली एश में ‘होक्सी क्योर’ का इनग्रीडिएंट होता है। हालांकि, अन्य दिक्कतों के लिए प्रिकली एश का सेवन करने की सलाह दी जा सकती है। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।

प्रिकली एश (Prickly-ash) कैसे कार्य करता है?

प्रिकली एश कैसे कार्य करता है, इस संबंध में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नही है। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें। हालांकि, कुछ अध्ययनों में निम्नलिखित बातें सामने निकलकर आई हैं:

अपच, हार्टबर्न और पेट में बनने वाली एसिडिटी की स्थिति में प्रिकली एश एक डाइजेस्टिव स्टिमुलेंट के रूप में कार्य करता है। संभवतः यह अपच की स्थिति में भी मददगार होता है।

रूमेटिज्म: रूमेटिक कंडिशन जैसे रूमेटाइड आर्थराइटिस के उपचार में प्रिकली एश की छाल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है।

दांत दर्द: प्रिकली एश की छाल में अल्कालोइयड्स (alkaloids) और वोलेटाइल ऑयल (volatile oil) होते हैं। इसके पौधे में अल्कामाइड होता है। इसका सेवन करने पर यह जीभ को सुन्न कर देता है। जो ऐतिहासिक रूप से दांत दर्द में प्रिकली एश को विस्तृत रूप से बताता है।

और पढ़ें: पायरिया (Pyorrhoea) क्या है और ये क्यों होता है?

सावधानियां और चेतावनी

प्रिकली एश (Prickly-ash) का इस्तेमाल करने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

निम्नलिखित स्थितियों में इसका इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें:

  • यदि आप प्रेग्नेंट या ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं। दोनों ही स्थितियों में सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही दवा खानी चाहिए।
  • यदि आप अन्य दवाइयां ले रही हैं। इसमें डॉक्टर की लिखी हुई और गैर लिखी हुई दवाइयां शामिल हैं, जो मार्केट में बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के खरीद के लिए उपलब्ध हैं।
  • यदि आपको प्रिकली एश के किसी पदार्थ से एलर्जी है या अन्य दवा या औषधि से एलर्जी है।
  • यदि आपको कोई बीमारी, डिसऑर्डर या कोई अन्य मेडिकल कंडिशन है।
  • यदि आपको फूड, डाई, प्रिजर्वेटिव या जानवरों से अन्य प्रकार की एलर्जी है।

अन्य दवाइयों के मुकाबले आयुर्वेदिक औषधियों के संबंध में रेग्युलेटरी नियम अधिक सख्त नही हैं। इनकी सुरक्षा का आंकलन करने के लिए अतिरिक्त अध्ययनों की आवश्यकता है। प्रिकली एश का इस्तेमाल करने से पहले इसके खतरों की तुलना इसके फायदों से जरूर की जानी चाहिए। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।

और पढ़ें: मां को हो सर्दी-जुकाम तो कैसे कराएं स्तनपान?

प्रिकली एश (Prickly-ash) कितना सुरक्षित है?

प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग: प्रेग्नेंसी के दौरान प्रिकली एश की छाल का इस्तेमाल असुरक्षित हो सकता है। यदि आप गर्भवती हैं तो प्रिकली एश का सेवन ना करने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही यदि आप शिशु को स्तनपान करा रही हैं तो प्रिकली एश का सेवन करने से बचें। शिशु को स्तनपान के दौरान प्रिकली एश का सेवन कितना सुरक्षित है? इस संबंध में पर्याप्त जानतकारी उपलब्ध नही है।

साइड इफेक्ट्स

प्रिकली एश (Prickly-ash) से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

ज्यादातर लोगों के लिए प्रिकली एश का सेवन करना सुरक्षित है लेकिन, इसके संभावित साइड इफेक्ट्स के बारे में जानकारी नहीं है। हालांकि, हर व्यक्ति को यह साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं। यदि आप इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर चिंतित हैं तो अपने डॉक्टर या हर्बालिस्ट से सलाह लें।

और पढ़ें: Turmeric : हल्दी क्या है?

रिएक्शन

प्रिकली एश (Prickly-ash) से मुझे क्या रिएक्शन हो सकता है?

प्रिकली एश आपकी मौजूदा दवाइयों के साथ रिएक्शन कर सकता है या दवा का कार्य करने का तरीका परिवर्तित हो सकता है। इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बालिस्ट से संपर्क करें।

निम्नलिखित परिस्थितियों में या दवाइयों के सेवन पर आपको रिएक्शन हो सकते हैं:

गैस की दवाइयां (Antacids): गैस रोधी दवाइयां पेट में अम्ल को कम करती हैं। प्रिकली एश पेट में अम्ल (एसिड) को बढ़ा सकती हैं। इससे एंटासिड दवाइयों की प्रभाविकता कम हो सकती है।

निम्नलिखित दवाइयों के प्रिकली एश रिएक्शन कर सकती है:

  • कैल्शियम कार्बोनेट
  • डीहाइड्रोक्सी सोडियम कार्बोनेट (dihydroxy aluminium sodium carbonate)
  • मेगलड्रेट (magaldrate)
  • मैग्नीशियम सल्फेट
  • एल्युमीनियम हाइड्रोक्साइड (aluminum hydroxide)
  • अन्य दवाइयां

पेट में एसिड कम करने वाली दवाइयां

पेट में एसिड की मात्रा में इजाफा करने की वजह से प्रिकली एश से कुछ दवाइयों की प्रभाविकता घट सकती है, जो पेट में एसिड को कम करती हैं।

यह दवाइयां निम्नलिखित हैं:

  • सिमेटडाइन (cimetidine)
  • रेनिटिडाइन (ranitidine)
  • निजाटिडाइन (nizatidine)
  • फेमोटिडाइन (famotidine)
  • ओमेप्राजोल (omeprazole)
  • लेनसोप्राजोल (lansoprazole)
  • रेबेप्राजोल (rabeprazole)
  • पेंटोप्राजोल (pantoprazole)
  • एसोमेप्राजोल (esomeprazole)
  • अल्सर, क्रोहन रोग, इरेटेबल बाउल सिंड्रोम (irritable bowel syndrome), इंफेक्शन या अन्य पाचन तंत्र से जुड़ी हुई समस्याओं को मिलाकर पेट या आंत की समस्याएं के इलाज में।

प्रिकली एश डाइजेस्टिव जूस को बढ़ा सकता है, जिससे जलन होती है। इससे आंत और पेट की समस्याएं और बदतर हो सकती हैं।

और पढ़ें: पेट की समस्या से बचने के प्राकृतिक और घरेलू उपाय

डोसेज

उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं हो सकती। इसका इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या हर्बालिस्ट से सलाह लें।

प्रिकली एश (Prickly-ash) का सामान्य डोज क्या है?

  • चाय के रूप में 1-2 चम्मच (5-10 ग्राम) प्रिकली एश की छाल को 10-15 मिनट तक उबालें। दिन में तीन कप (750ml) लेने का सुझाव दिया जाता है।
  • वैकल्पिक रूप से, घोल में 1/2–3/4 चम्मच (2-4ml) मिलाकर दिन में तीन बार लें। खाना खाने से तुरंत पहले प्रिकली एश का सेवन सबसे बेहतर माना जाता है।
  • पारंपरिक रूप से प्रिकली एश की छाल को दांत का दर्द कम करने के लिए चबाया जाता है।

हर मरीज के मामले में प्रिकली एश का डोज अलग हो सकता है। जो डोज आप ले रहे हैं वो आपकी उम्र, हेल्थ और दूसरे अन्य कारकों पर निर्भर करता है। औषधियां हमेशा ही सुरक्षित नहीं होती हैं। प्रिकली एश के उपयुक्त डोज के लिए अपने डॉक्टर या हर्बालिस्ट से सलाह लें।

प्रिकली एश (Prickly-ash) किन रूपों में आता है?

यह औषधि निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध हो सकती है:

  • सूखी जड़ी बूटी
  • पाउडर
  • काढ़ा
  • घोल
  • कैप्सूल
  • तरल अर्क (लिक्विड एक्स्ट्रैक्ट)

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या इलाज मुहैया नहीं कराता।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Sunil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 02/06/2020 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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