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Sweet bay: स्वीट बे क्या है?

परिचय|सावधानियां और चेतावनी|साइड इफेक्ट्स|डोसेज|उपलब्ध
Sweet bay: स्वीट बे क्या है?

परिचय

स्वीट बे (Sweet Bay) क्या है?

स्वीट बे एक हर्ब है। यूनानियों से इसे अपने नायकों को ताज बनाकर पहनाकर इसे फेमस बनाया है। डेकोरेशन के अलावा इसकी पत्तियों और तेल का प्रयोग दवाओं में किया जाता है। इसका वानस्पातिक नाम लाउरूस नोबिलिस (Laurus nobilis) है। ये लोरेसिया परिवार से ताल्लुख रखता है। खाना बनाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। ये हल्का सुगंधित और स्वाद में कड़वा होता है। न्यूट्रिएंट्स से भरपूर स्वीट बे का प्रयोग गैस संबंधित परेशानियों से लेकर कैंसर के लिए किया जाता है।

स्वीट बे का उपयोग किसलिए किया जाता है?

डायजेशन में करे सुधार:

स्वीट बे में ऐसे गुण होते हैं जो जठरांत्र (गैस्ट्रोइन्टेस्टनल) के लिए फायदेमंद है। ये शरीर के विषैले तत्वों को यूरिन के रास्ते बाहर निकालता है। स्वीट बे में कुछ ऐसे कंपाउंड होते हैं जो पेट खराब, इरीटेबल बाॅवेल सिंड्रोम (IBS) से राहत दिलाने में मदद करते हैं। आधुनिक आहार में कुछ ऐसे प्रोटीन होते हैं जिन्हें पचाना मुश्किल होता है, लेकिन बे लीफ में ऐसे एंजाइम मौजूद होते हैं जो पाचन क्रिया को दुरुस्त और पोषक त्तवों के सेवन में मदद करते हैं।

सूजन को करे दूर:

फाइटोथेरिपी रिसर्च जर्नल (Phytotherapy research journal) में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, बे-लीफ में एंटी-इंफ्लमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं जो, पूरे शरीर में सूजन को कम करने की क्षमता रखती है। इसमें अलग फाइटोन्यूट्रिएंटस होते हैं जिसे पार्थेनोलाइड (parthenolide) कहा जाता है, ये सूजन और जलन को कम करने में मदद करता है। इसके लिए बस इसे प्रभावित क्षेत्रों में लगाना होता है, जैसे गले के दर्द या गठिया से प्रभावित क्षेत्र पर इसे लगा सकते हैं।

डायबिटीज में फायदेमंद:

तेजपत्ते के औषधीय गुण डायबिटीज पेशेंट्स के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। कई शोध के अनुसार, तेजपत्ता टाइप 2 डायबिटीज से ग्रसित लोगों के लिए लाभदायक है। ये खाद्य पदार्थों का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ ग्लूकोज मेटाबॉलिजम में भी मददगार है। ये कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर एचडीएल यानी गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है।

ऊपरी श्वसन तंत्र के लिए लाभदायक:

तेज पत्ते में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। इससे निकाले गए ऑयल को छाती पर लगाने से श्वसन संबंधित परेशानियों में आराम पहुंचता है। एरोमाथेरेपी में भी भाप के जरिए इसे दिया जाता है जो रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट से बैक्टीरिया संक्रमण को बाहर निकालने में मदद करता है।

एंग्जायटी और स्ट्रेस को करे दूर:

स्वीट बे में लिनालूल (linalool) नामक तत्व होते हैं जो स्ट्रेस हॉर्मोन लेवल को कम करता है। एरोमाथेरेपी में स्ट्रेस के ट्रीटमेंट के लिए खासतौर पर इसका प्रयोग किया जाता है।

एंटी कैंसर प्रॉपर्टीज:

न्यूट्रिशन रिसर्च जर्नल के अनुसार स्वीट बे में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और ऑर्गेनिक कंपाउंड जैसे फाइटोन्यूट्रिएंट्स, लिनालूल और पार्थिनोलाइड हमारे शरीर को कैंसर को पैदा करने वाले फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से सुरक्षा कवच प्रदान करता है। बता दें, फ्री रेडिकल्स स्वस्थ कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं में परिवर्तित कर सकते हैं और स्वीट बे इसे रोकने में सक्षम है।

फंगल संक्रमण में मददगार:

एंटी-फंगल गुणों से भरपूर तेजपत्ता जो खासतौर पर कैंडिडा संक्रमण के खिलाफ प्रभावी है। इसके अलावा त्वचा संबंधित फंगल इंफेक्शन को दूर करने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है।

घाव को भरता है:

तेज पत्ते में विटामिन-सी और विटामिन-ए होते हैं जो घाव को भरने का काम करते हैं। एक शोध के मुताबिक, अगर आपके शरीर में विटामिन-सी और विटामिन-ए की कमी है तो ऐसे में घाव संवेदनशील हो सकते हैं।

वजन को करे कम:

स्वीट बे विटामिन-सी से समृद्ध होता है जो शरीर से अत्यधिक चर्बी को हटाने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें मौजूद फाइबर वजन को कंट्रोल में रखने में मदद करता है।

इन परेशानियों में भी मददगार:

  • डैंड्रफ को करे दूर
  • जोड़ों और मसल्स पेन में दिलाए राहत
  • त्वचा पर कोई दाने और फोड़े के लिए
  • बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन को करे दूर

कैसे काम करता है स्वीट बे?

औषधीय गुणों से भरपूर स्वीट बे में प्रमुख लवण जैसे पोटैशियम, कॉपर, सेलेनियम , कैल्शियम और आयरन पाए जाते हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट गुण शरीर के इंसुलिन को स्वस्थ बनाए रखते हैं। कई अध्ययन में इस बात की पुष्टी हो चुकी है कि स्वीट बे में कुछ ऐसे रसायन होते हैं जो गैस्ट्रिक अल्सर, ग्लूकोज की क्रियाओं को उत्तेजित और कम करना, बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन से लड़ने में मददगार है। इसमें विटामिन-ए, विटामिन-सी, विटामिन-बी6, मैग्नीशियम, कैल्शियम और आयरन जैसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी शामिल होते हैं।

और पढ़ें : Sweet Almond: मीठा बादाम क्या है?

सावधानियां और चेतावनी

कितना सुरक्षित है स्वीट बे का उपयोग?

स्वीट बे और इसका ऑयल वैसे तो ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है। इसे दवा के तौर पर कुछ समय तक ले सकते हैं। अगर आप खाने में पूरी पत्ती का प्रयोग कर रहे हैं तो खाना खाते समय इसे हटा दें। पूरी पत्ती का सेवन करना सुरक्षित नहीं है। ये डायजेस्ट नहीं होगी और डायजेस्टिव सिस्टम में परेशानी कर सकती है। निम्नलिखित परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें:

  • गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान स्वीट बे का इस्तेमाल न करें। ऐसा इसलिए क्योंकि इन दोनों ही परिस्थितियों में महिला की इम्यूनिटी लो होती है और ऐसे में डॉक्टर की सलाह के बिना किसी दवा या हर्बल का सेवन हीं करना चाहिए।
  • अगर आप किसी दूसरी दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो इस बारे में अपने डॉक्टर को बताएं। इसमें वो दवाएं भी शामिल हैं जिन्हें आप डॉक्टर की सलाह के बिना सीधे मेडिकल स्टोर से खरीदकर ले रहे हैं।
  • स्वीट बे का ऑयल संवेदनशील त्वचा पर एलर्जी का कारण बन सकता है। इसलिए इसका इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।
  • ब्लीडिंग डिसऑर्डर से पीड़ित हो तो इसका सेवन न करें।
  • अगर आप पेनकिलर खा रहे हैं या नींद की गोली ले रहे हैं तो इसके सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
  • अगर आपको कोई बीमारी है या वतर्मान में दवाइयां खा रहे हैं तो उनके असर पर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सेवन से पहले डॉक्टर से इस विषय पर बात करें।

अन्य दवाइयों के मुकाबले औषधियों के संबंध में रेग्युलेटरी नियम अधिक सख्त नही हैं। इनकी सुरक्षा का आंकलन करने के लिए अतिरिक्त अध्ययनों की आवश्यकता है। स्वीट बे का इस्तेमाल करने से पहले इसके खतरों की तुलना इसके फायदों से जरूर की जानी चाहिए। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।

ये लोग बरतें खास सावधानी:

डायबिटीज: तेजपत्ता ब्लड शुगर कंट्रोल को प्रभावित कर सकता है। इसलिए डायबिटीज से ग्रसित लोग अगर इसका सेवन करें तो ब्लड शुगर लेवल को करीब से मॉनिटर करें।

सर्जरी: बे लीफ केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) को धीमा कर सकता है। सर्जरी के दौरान और बाद में इस्तेमाल की जाने वाले एनेस्थिसिया और अन्य दवाओं के साथ संयुक्त होने पर यह सीएनएस को बहुत धीमा कर सकता है। इसलिए सर्जरी से दो हफ्ते पहले और बाद तक इसका सेवन करने से परहेज करें।

और पढ़ें: Sweet Vernal Grass: स्वीट वर्नल ग्रास क्या है?

साइड इफेक्ट्स

स्वीट बे से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

हालांकि हर किसी को ये साइड इफेक्ट हो ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ ऐसे भी साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट महसूस हो या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं तो नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

और पढ़ें: Sweet Woodruff: स्वीट वुडरफ क्या है?

डोसेज

स्वीट बे को लेने की सही खुराक क्या है?

इस हर्बल सप्लिमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है स्वीट बे?

स्वीट बे निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है:

  • रॉ स्वीट बे
  • स्वीट बे ऑयल
  • स्वीट बे पाउडर

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र
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Mona narang द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 22/09/2020 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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